अदिति कुमारी: रांची पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई (PLFI) से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले का खुलासा किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अरुण लोहरा और सूरज लोहरा के रूप में हुई है। दोनों खूंटी जिले के बेलवादाग गांव के निवासी बताए गए हैं।
कारोबारी से मांगी गई थी 50 लाख रुपये की लेवी
पुलिस के अनुसार, नगड़ी थाना क्षेत्र के साहेर गांव निवासी कारोबारी बजरंग महतो से पीएलएफआई के नाम पर 50 लाख रुपये की लेवी मांगी गई थी। रंगदारी की मांग वर्चुअल कॉल और मैसेज के माध्यम से की गई थी।
इस संबंध में नगड़ी थाना कांड संख्या 84/26 के तहत धारा 387 बीएनएस और 17 सीएलए एक्ट के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामला एक व्हाट्सएप नंबर के माध्यम से रंगदारी मांगने और धमकी देने से जुड़ा था।
विशेष टीम का गठन कर शुरू की गई जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची के हेडक्वार्टर टू एएसपी अजय आर्यन के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। तकनीकी शाखा और अन्य सूचना स्रोतों की मदद से जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि लेवी की रकम लेने के लिए कुछ अपराधी तुपुदाना क्षेत्र स्थित सफायर स्कूल बारहमाईल चौक के पास पहुंचने वाले हैं।
सफायर स्कूल के पास बिछाया गया जाल
मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने सफायर स्कूल बारहमाईल चौक के आसपास घेराबंदी कर निगरानी शुरू की। कुछ समय बाद लाल रंग की एक मोटरसाइकिल पर दो व्यक्ति वहां पहुंचे।
पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मोटरसाइकिल को चारों ओर से घेर लिया और दोनों सवारों को पकड़ लिया।
पूछताछ में लेवी लेने आने की बात स्वीकार
पकड़े गए दोनों व्यक्तियों ने पूछताछ के दौरान अपना नाम अरुण लोहरा और सूरज लोहरा बताया। पुलिस के अनुसार, दोनों ने लेवी की रकम लेने के लिए वहां आने की बात स्वीकार की।
तलाशी के दौरान अरुण लोहरा के पास से प्रतिबंधित संगठन पीएलएफआई का दो पर्चा बरामद किया गया, जिस पर राजेश यादव का नाम लिखा हुआ था।
मोबाइल फोन, बाइक और पर्चे जब्त
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपियों के पास से पीएलएफआई के पर्चे, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल जब्त की है। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी
पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। राजेश यादव के नाम वाले पर्चे बरामद होने के बाद उससे जुड़े नेटवर्क की जांच तेज कर दी गई है।
एसएसपी के निर्देश पर गठित विशेष टीम अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
