रांची नगर निगम ने राजधानी के प्रमुख जल स्रोत कांके डैम के संरक्षण, स्वच्छता और प्रदूषण नियंत्रण के लिए विशेष सफाई अभियान शुरू किया है। नगर आयुक्त के निरीक्षण और दिशा-निर्देशों के बाद निगम की विभिन्न शाखाएं पोकलेन और वीड हार्वेस्टिंग मशीनों के जरिए डैम से जलकुंभी, गाद और कचरा हटाने के कार्य में जुट गई हैं।
आधुनिक मशीनों से शुरू हुआ कांके डैम का सफाई कार्य, नगर आयुक्त के निर्देश पर कार्रवाई
रांची: झारखंड की राजधानी रांची के प्रमुख जल स्रोतों में शुमार कांके डैम के संरक्षण, स्वच्छता और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर रांची नगर निगम ने एक विशेष अभियान की शुरुआत की है। पिछले दिनों नगर आयुक्त द्वारा कांके डैम क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया गया था। इस निरीक्षण के बाद उन्होंने विभिन्न संबंधित शाखाओं को जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिसके आलोक में अब धरातल पर व्यापक स्तर पर सफाई और संरक्षण कार्य चलाया जा रहा है।
डैम को पूरी तरह स्वच्छ बनाने के लिए रांची नगर निगम की स्वच्छता शाखा और ट्रांसपोर्ट शाखा की संयुक्त टीम धरातल पर काम कर रही है। यह टीम जलाशय में बड़े पैमाने पर फैली जलकुंभी, गाद (मिट्टी) और अन्य अवांछित पदार्थों को हटाने के कार्य में जुटी हुई है।
पोकलेन और वीड हार्वेस्टिंग मशीनों का किया जा रहा उपयोग
इस विशेष सफाई अभियान को प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम द्वारा आधुनिक तकनीकी उपकरणों की सहायता ली जा रही है। डैम परिसर में पोकलेन मशीन और वीड हार्वेस्टिंग मशीन को काम पर लगाया गया है। इन आधुनिक मशीनों के माध्यम से जलाशय के भीतर से गहराई तक सफाई की जा रही है। निगम का मानना है कि इस प्रक्रिया से डैम की जलधारण क्षमता में बढ़ोतरी होगी और पानी की गुणवत्ता में भी व्यापक सुधार आएगा।
इसके साथ ही सुरक्षा और स्वच्छता के दृष्टिकोण से डैम के आसपास के क्षेत्रों में उगी झाड़ियों और घासों की भी बड़े पैमाने पर कटाई की जा रही है। रांची नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, इस कदम से न केवल क्षेत्र की स्वच्छता बेहतर होगी, बल्कि कांके डैम के सौंदर्यीकरण को भी काफी बढ़ावा मिलेगा।
निकाली गई गाद से बनेगा पैदल मार्ग, नालों के पानी का बदला रास्ता
अभियान के तहत इंजीनियरिंग शाखा द्वारा एक विशेष प्रयोग किया जा रहा है। डैम की सफाई के दौरान अंदर से निकाली जा रही गाद का उपयोग कैचमेंट एरिया में एक अस्थायी पैदल मार्ग (वॉकिंग ट्रैक) के निर्माण के लिए किया जा रहा है। इससे डैम क्षेत्र में भ्रमण के लिए आने वाले स्थानीय नागरिकों को बेहतर आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
इसके अतिरिक्त, कांके डैम में लगातार बढ़ते प्रदूषण स्तर को रोकने के लिए नगर निगम ने ड्रेनों (नालों) से आने वाले गंदे पानी की दिशा बदलने की भी महत्वपूर्ण पहल की है। वर्तमान व्यवस्था के तहत, नालों के दूषित पानी को आसपास बने अस्थायी तालाबों की ओर मोड़ा जा रहा है ताकि वह सीधे मुख्य डैम के जल में समाहित न हो सके।
निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी विस्तृत योजनाएं तैयार की जा रही हैं। इसी क्रम में रांची नगर निगम ने शहर के आम नागरिकों से भी यह अपील की है कि वे जलाशयों, डैम परिसर और नालों में किसी भी प्रकार का कचरा, प्लास्टिक, निर्माण मलबा या अन्य अपशिष्ट पदार्थ न फेंकें और शहर को स्वच्छ रखने में सहयोग करें।
