जनता की आवाज़ सुनना हमारी प्राथमिकता है: सांसद पप्पू यादव

पूर्णिया में अपने आवास पर आयोजित जनता दरबार में लोगों की समस्याएं सुनते सांसद पप्पू यादव

पूर्णिया से लोकसभा सांसद पप्पू यादव ने सोमवार, 8 जून 2026 को अपने आवास पर आयोजित जनता दरबार में आम लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों से जनसमस्याओं के त्वरित समाधान का आग्रह करते हुए कहा कि जनता की शिकायतों का निवारण और जनसेवा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने लगाया जनता दरबार, समस्याओं के त्वरित समाधान का दिया भरोसा

पटना: पूर्णिया से लोकसभा सांसद पप्पू यादव ने जनसेवा को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि आम जनता की आवाज़ को सुनना और उनकी बुनियादी समस्याओं का समाधान करना ही उनकी राजनीति की मुख्य प्राथमिकता है। वे सोमवार, 8 जून 2026 को अपने पूर्णिया स्थित निजी आवास पर आयोजित जनता दरबार के दौरान बोल रहे थे।

सांसद पप्पू यादव द्वारा आयोजित इस जनता दरबार में पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों और सुदूर गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। इस दौरान सांसद ने व्यक्तिगत रूप से एक-एक कर सभी फरियादियों से मुलाकात की और उनकी गंभीर समस्याओं के साथ-साथ क्षेत्र के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण सुझावों को भी विस्तार से सुना।

आम जनता की समस्याओं के निवारण के लिए अधिकारियों को निर्देश

जनता दरबार के माध्यम से सामने आए मामलों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए सांसद पप्पू यादव ने कहा कि आम लोगों से जुड़े इन संवेदनशील मामलों के त्वरित गति से निपटारे के लिए वे स्वयं गंभीर हैं। उन्होंने बताया कि समस्याओं के ऑन-द-स्पॉट और जल्द समाधान के लिए संबंधित प्रशासनिक और विभागीय अधिकारियों से आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया जा रहा है ताकि लोगों को बार-बार भटकना न पड़े।

जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति: पप्पू यादव

सत्र के दौरान मीडिया और आम लोगों को संबोधित करते हुए पूर्णिया सांसद ने इस बात पर जोर दिया कि आम जनता का अटूट विश्वास और उनका निरंतर मिलने वाला सहयोग ही उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक और सामाजिक शक्ति है। उन्होंने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि जनसेवा और जनहित के कार्यों का यह सिलसिला बिना किसी रुकावट के निरंतर इसी तरह जारी रहेगा। इस जनता दरबार के बाद क्षेत्र के लोगों में अपनी समस्याओं के निष्पादन को लेकर सकारात्मक उम्मीद जगी है।

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