रांची के होटवार स्थित अनुसंधान प्रशिक्षण विद्यालय में सोमवार, 8 जून 2026 को “साइबर अपराध का अनुसंधान” विषय पर पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई। एसपी अजय कुमार सिन्हा द्वारा उद्घाटित इस कार्यक्रम में झारखंड पुलिस के 78 कर्मियों को डिजिटल अपराध जांच की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
डिजिटल अपराधों से निपटने को पुलिस तैयार, होटवार में शुरू हुआ विशेष तकनीकी प्रशिक्षण
रांची: डिजिटल और साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों पर प्रभावी ढंग से लगाम लगाने के लिए झारखंड की राजधानी रांची में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। रांची के होटवार स्थित अनुसंधान प्रशिक्षण विद्यालय में “साइबर अपराध का अनुसंधान” विषय पर पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ किया गया है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से पुलिस अधिकारियों और जवानों को साइबर अपराधों की जांच से जुड़ी नवीनतम एवं आधुनिक तकनीकों से अवगत कराया जाएगा।
इस उच्च स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन संस्थान के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अजय कुमार सिन्हा द्वारा किया गया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए एसपी अजय कुमार सिन्हा ने वर्तमान समय में साइबर अपराधों के बदलते स्वरूप और इसकी गंभीर प्रकृति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि बदलते दौर के अपराधियों से निपटने के लिए पूरे पुलिस बल का तकनीकी रूप से पूरी तरह दक्ष होना अनिवार्य हो गया है।
राष्ट्रीय पुलिस अकादमी हैदराबाद के प्रशिक्षक दे रहे हैं ट्रेनिंग
होटवार में आयोजित हो रहे इस विशेष कार्यक्रम में प्रशिक्षकों की एक उच्च स्तरीय टीम बुलाई गई है। सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद से आए तीन बेहद अनुभवी और विशेषज्ञ प्रशिक्षक इस कार्यक्रम में शामिल पुलिस अधिकारियों को बारीकियां सिखा रहे हैं।
पांच दिनों तक चलने वाले इस गहन प्रशिक्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण और जटिल तकनीकी विषयों पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित तकनीकी पहलुओं को शामिल किया गया है:
- डिजिटल भुगतान (Digital Payments) से जुड़े विभिन्न वित्तीय अपराध।
- घटना स्थल से डिजिटल साक्ष्यों (Digital Evidence) को वैज्ञानिक तरीके से संकलित करना।
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से अंजाम दिए जाने वाले आधुनिक अपराध।
- सीडीआर (Call Detail Record) और आईपीडीआर (IP Detail Record) का गहन विश्लेषण।
- डार्क वेब (Dark Web) की कार्यप्रणाली और क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) से जुड़े अपराधों की जांच।
झारखंड पुलिस की विभिन्न इकाइयों से पहुंचे 78 पुलिस अधिकारी
इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण सत्र में झारखंड पुलिस की अलग-अलग विशिष्ट इकाइयों से चयनित अधिकारी और कर्मी हिस्सा लेने के लिए पहुंचे हैं। इस तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम में आरक्षी, सहायक अवर निरीक्षक (ASI), अवर निरीक्षक (SI) और पुलिस निरीक्षक (Inspector) स्तर के कुल 78 पुलिसकर्मी शामिल हैं।
इस पूरे आयोजन का मुख्य उद्देश्य राज्य पुलिस बल की साइबर अपराध अनुसंधान क्षमता को जमीनी स्तर पर मजबूत करना है। इसके साथ ही डिजिटल युग के इस दौर में पैदा हो रही नई और जटिल चुनौतियों के अनुरूप झारखंड पुलिस को पूरी तरह से अपग्रेड और तैयार करना है।
