भागलपुर जिले के सुल्तानगंज-देवघर मार्ग स्थित जर्जर रेलवे ओवरब्रिज पर सुरक्षा के मद्देनजर अगले चार-पांच दिनों में बैरियर लगाए जाएंगे। आरसीडी पथ निर्माण प्रमंडल द्वारा पुल की मरम्मत पूरी होने तक इस मार्ग पर भारी वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह से रोक लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
सुल्तानगंज-देवघर मार्ग पर जर्जर रेलवे ओवरब्रिज को लेकर प्रशासन सख्त
भागलपुर: बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज-देवघर मार्ग स्थित रेलवे ओवरब्रिज के जर्जर होने के बाद प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। आरसीडी पथ निर्माण प्रमंडल, भागलपुर द्वारा सुरक्षा के मद्देनजर इस मार्ग पर भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
आरसीडी पथ निर्माण प्रमंडल, भागलपुर के जेई सोएब अंसारी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि रेलवे ओवरब्रिज की खराब स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि चार से पांच दिनों के भीतर मौके पर बैरियर लगा दिए जाएंगे, जिससे भारी वाहनों का परिचालन पूरी तरह रुक जाएगा। जब तक रेलवे ओवरब्रिज की मरम्मत का काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक इस मार्ग पर प्रतिबंध लागू रहेगा। इस निरीक्षण के दौरान विभागीय टीम और कर्मचारी भी मौजूद थे।
पुलों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती जा रही है एहतियात
बिहार में हाल के वर्षों में कई पुल या तो क्षतिग्रस्त हुए हैं या फिर गिर चुके हैं। यही कारण है कि सरकार और प्रशासन किसी भी बड़ी दुर्घटना से बचने के लिए लगातार एहतियाती कदम उठा रहे हैं। इसी कड़ी में सुल्तानगंज में यह सुरक्षा व्यवस्था और बैरियर लगाने की तैयारी की जा रही है।
हालांकि, केवल आवागमन रोकने या बैरियर लगाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। सरकार और प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि पुलों के रखरखाव और समय पर मरम्मत की व्यवस्था मजबूत हो, ताकि भविष्य में ऐसी समस्याएं उत्पन्न न हों।
आम जनता की बढ़ेगी परेशानी, विक्रमशिला पुल के बाद एक और चिंता
यदि इस दिशा में प्रभावी और समयबद्ध कदम नहीं उठाए गए, तो आम लोगों को लगातार आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अभी भागलपुर के विक्रमशिला पुल से जुड़ी समस्याएं पूरी तरह समाप्त भी नहीं हुई हैं कि सुल्तानगंज स्थित रेलवे ओवरब्रिज की स्थिति भी अब चिंता का विषय बन गई है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि डबल इंजन की सरकार बिहार में पुलों के गिरने और क्षतिग्रस्त होने की घटनाओं पर कितनी प्रभावी ढंग से नियंत्रण कर पाती है। स्थानीय जनता और यात्रियों की नजरें अब प्रशासन की आगामी कार्रवाई और मरम्मत कार्य पर टिकी हुई हैं।
