झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक में रांची पथ प्रमंडल के अंतर्गत नामकुम-डोरंडा मार्ग के 6.70 किलोमीटर हिस्से को चार लेन में चौड़ीकरण और मजबूतीकरण करने की मंजूरी दी गई है। इस परियोजना पर कुल 162.82 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे राजधानी में यातायात का दबाव कम होगा।
नामकुम और डोरंडा के बीच सुगम होगा यातायात
झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक में राजधानी रांची की एक महत्वपूर्ण सड़क परियोजना को मंजूरी मिल गई है। कैबिनेट ने रांची पथ प्रमंडल के अंतर्गत नामकुम-डोरंडा मार्ग (एमडीआर-002) के 6.70 किलोमीटर हिस्से को चार लेन में चौड़ीकरण और मजबूतीकरण करने के लिए 162.82 करोड़ रुपये की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इस निर्णय के बाद लंबे समय से प्रस्तावित इस परियोजना के निर्माण कार्य का रास्ता साफ हो गया है।
सरकार का मानना है कि सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण से राजधानी के यातायात दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। नामकुम और डोरंडा को जोड़ने वाला यह मार्ग रांची के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है, जहां प्रतिदिन हजारों वाहनों का आवागमन होता है। परियोजना पूरी होने के बाद लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी और यात्रा समय में भी कमी आएगी।
कैबिनेट बैठक में 23 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लगी मुहर
कैबिनेट बैठक में इस परियोजना के अलावा कुल 23 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इनमें झारखंड की आधारभूत संरचना, खनन, सूचना प्रौद्योगिकी, सिंचाई, महिला सशक्तीकरण और प्रशासनिक सुधार से जुड़े कई अहम निर्णय शामिल हैं। बैठक में जारनेट 2.0 परियोजना की अवधि बढ़ाने और इसके लिए 65.50 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी गई। वहीं पलामू की महत्वाकांक्षी अमानत बराज योजना के लिए 947.26 करोड़ रुपये के तृतीय पुनरीक्षित प्राक्कलन को भी प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।
खनन और महिला कल्याण से जुड़े अन्य बड़े फैसले
Bharat Manthan Live News के अनुसार, खनन क्षेत्र से जुड़े फैसलों में बोकारो के पर्वतपुर और सीतानाला कोल ब्लॉक तथा गोड्डा के जीतपुर कोल ब्लॉक के लिए कोयला खनन पट्टों को मंजूरी दी गई। इसके अलावा पूर्वी सिंहभूम के कई एमराल्ड ब्लॉकों को आरक्षित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया।
महिला कल्याण के क्षेत्र में मिशन शक्ति के तहत संचालित महिला हेल्पलाइन 181 की सेवाओं को जारी रखने के लिए सेवा प्रदाता एजेंसी के अनुबंध विस्तार को स्वीकृति दी गई। वहीं बांध सुरक्षा अधिनियम-2021 के तहत राज्य के बड़े और मध्यम सिंचाई बांधों की सुरक्षा और स्थिति का आकलन करने के लिए स्वतंत्र विशेषज्ञ पैनल गठित करने का भी फैसला लिया गया।
