बुढ़मू सीएचसी में निक्षय पोषण किट: 72 टीबी मरीजों को मिली पोषण सहायता

बुढ़मू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों द्वारा टीबी मरीजों को निक्षय पोषण किट वितरित करने की एक प्रामाणिक तस्वीर.

बुढ़मू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में बुधवार को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में निक्षय पोषण योजना के तहत 72 टीबी मरीजों को पोषण किट वितरित की गई. सीएमपीडीआई और आरके एचआईवी सेंटर के सहयोग से शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य नियमित इलाज और संतुलित आहार के माध्यम से टीबी उन्मूलन अभियान को मजबूत करना है.

बुढ़मू सीएचसी में स्वास्थ्य पहल: निक्षय पोषण योजना के तहत बांटी गई किट

झारखंड के बुढ़मू स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में बुधवार को निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत एक विशेष स्वास्थ्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के टीबी मरीजों के स्वास्थ्य स्तर में सुधार लाने और उन्हें बेहतर पोषण प्रदान करने के उद्देश्य से 72 टीबी मरीजों के बीच निक्षय पोषण किट का वितरण किया गया. स्वास्थ्य विभाग की यह महत्वपूर्ण पहल सीएमपीडीआई (CMPDI) और आरके एचआईवी सेंटर के संयुक्त सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न की गई है.

बुढ़मू सीएचसी में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान केंद्र के चिकित्सक डॉ. ईरशाद अंसारी और डॉ. स्वाती मुर्मू की प्रत्यक्ष उपस्थिति में चिन्हित मरीजों को किट प्रदान की गई. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि टीबी के पूर्ण उपचार में नियमित दवाओं के सेवन के साथ-साथ संतुलित और पौष्टिक आहार की भी अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका होती है. इसी वैज्ञानिक और चिकित्सकीय उद्देश्य को ध्यान में रखकर मरीजों को यह पोषण सहायता उपलब्ध कराई जा रही है ताकि वे शीघ्र ही संक्रमण से मुक्त होकर स्वस्थ हो सकें.

बेहतर इलाज और पोषण सहायता पर जोर: चिकित्सकों ने दी परामर्श

इस वितरण कार्यक्रम के अवसर पर डॉ. ईरशाद अंसारी ने स्थानीय नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बुढ़मू में वर्तमान में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और अनुभवी चिकित्सकों की उपलब्धता के माध्यम से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं. उन्होंने उपस्थित सभी टीबी मरीजों से अपनी निर्धारित दवाएं नियमित रूप से समय पर लेने और डॉक्टरों द्वारा दिए गए चिकित्सकीय परामर्श का कड़ाई से पालन करने की अपील की. इसके साथ ही उन्होंने रेखांकित किया कि सही समय पर सटीक इलाज और पर्याप्त पोषण के मेल से टीबी जैसी गंभीर बीमारी को पूरी तरह से हराया जा सकता है.

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा मरीजों को टीबी संक्रमण से बचाव, उसके वैज्ञानिक उपचार और पोषण संबंधी आवश्यक जानकारियां भी विस्तार से दी गईं. मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि सरकार द्वारा संचालित निक्षय पोषण योजना का मुख्य उद्देश्य टीबी मरीजों को उनके पूरे उपचार अवधि के दौरान आवश्यक पोषण सहायता सुनिश्चित कराना है, जिससे उनकी शारीरिक रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) मजबूत बनी रहे.

टीबी उन्मूलन अभियान में सामुदायिक सहयोग की भूमिका

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बुढ़मू के इस कार्यक्रम को सफल बनाने में योगिता वोरकर, अनी भूषण राय, दीपक कुमार, गुड्डू ठाकुर, कौशल कुमार, परवेज खान, अफरोज अंसारी और शेखर कुमार सहित कई स्थानीय लोगों और स्वास्थ्य कर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रबुद्ध लोगों ने इस सरकारी पहल को क्षेत्र में टीबी उन्मूलन अभियान की दिशा में एक बेहद सकारात्मक कदम बताया है.

स्वास्थ्य विभाग का आधिकारिक तौर पर मानना है कि निरंतर सामुदायिक सहयोग, समय पर उचित उपचार और सटीक पोषण सहायता के त्रिकोणीय माध्यम से ही टीबी मुक्त समाज के राष्ट्रीय लक्ष्य को समय पर हासिल करने में मदद मिलेगी. कार्यक्रम के समापन सत्र में सभी टीबी मरीजों को अपनी नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और स्वास्थ्य केंद्र से उपचार जारी रखने के लिए प्रेरित किया गया. स्थानीय स्वास्थ्य और जन कल्याण से जुड़ी हर प्रामाणिक खबर के लिए भारत मंथन लाइव न्यूज देखते रहें.

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