विश्व आर्थिक मंच (WEF) के नवीनतम सर्वे में भारत वैश्विक स्तर पर सबसे मजबूत आर्थिक विकास आउटलुक के साथ उभरा है। हालांकि, बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए अनुकूल व्यावसायिक माहौल के मामले में भारत चौथे स्थान पर खिसक गया है। सर्वेक्षण के अनुसार, 98 प्रतिशत मुख्य अर्थशास्त्रियों ने अगले 12 महीनों में भारत में मजबूत या मध्यम विकास की उम्मीद जताई है।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के सर्वे में भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ा दावा
नई दिल्ली में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) द्वारा जारी ‘चीफ इकोनॉमिस्ट्स आउटलुक’ सर्वे में भारत का आर्थिक परिदृश्य बेहद सकारात्मक नजर आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच सबसे मजबूत विकास दर की संभावना बनाए हुए है। सर्वेक्षण में शामिल 98 प्रतिशत मुख्य अर्थशास्त्रियों ने अगले 12 महीनों के दौरान भारत में मध्यम या उससे अधिक विकास दर रहने का अनुमान व्यक्त किया है।
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विकास दर का अनुमान बढ़ा
सर्वे रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत के लिए वित्त वर्ष 2026-27 के विकास दर पूर्वानुमान को अगस्त में बढ़ाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया गया था। घरेलू मांग में लगातार मजबूती के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था में यह मजबूती देखने को मिल रही है। हालांकि, ऊर्जा की बढ़ती कीमतों को आर्थिक परिदृश्य के समक्ष एक संभावित चुनौती के रूप में रेखांकित किया गया है।
बिजनेस एनवायरनमेंट रैंकिंग में भारत चौथे स्थान पर खिसका
मजबूत ग्रोथ आउटलुक के बावजूद, बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए अनुकूल व्यावसायिक माहौल की रैंकिंग में भारत को आंशिक गिरावट का सामना करना पड़ा है। इस सूची में भारत मई के दूसरे स्थान से गिरकर चौथे स्थान पर आ गया है। इस बार केवल 40 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने भारत को शीर्ष तीन पसंदीदा स्थलों में शामिल किया, जो मई में 56 प्रतिशत था। अमेरिका इस सूची में शीर्ष पर है, जिसके बाद दक्षिण-पूर्व एशिया और यूरोप का स्थान है। भारत से जुड़ी सभी प्रमुख आर्थिक खबरों की सटीक रिपोर्टिंग के लिए भारत मंथन लाइव न्यूज के साथ बने रहें।
