रांची नगर निगम की टीम ने बुधवार को शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। इस सुरक्षा जांच के दौरान हिंदपीढ़ी और सर्ज ऑफिस पाड़ा इलाके में स्थित संस्थानों में भवन वैधता और फायर सेफ्टी से जुड़ी गंभीर खामियां पाई गईं, जिसके बाद निगम ने संचालकों से जरूरी दस्तावेज तलब किए हैं।
रांची नगर निगम ने कोचिंग संस्थानों में की औचक सुरक्षा जांच
झारखंड की राजधानी रांची में संचालित कोचिंग संस्थानों और शैक्षणिक परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रांची नगर निगम ने सख्त रुख अपना लिया है। इसी अभियान के तहत बुधवार को निगम की एक विशेष टीम ने हिंदपीढ़ी स्थित इंद्रा पैलेस और सर्ज ऑफिस पाड़ा इलाके में चल रहे कई कोचिंग सेंटरों का अचानक औचक निरीक्षण किया।
इस औचक कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने छात्रों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं की गहनता से पड़ताल की।
नियमों के उल्लंघन और सुरक्षा मानकों में मिलीं कई खामियां
जांच के दौरान नगर निगम की टीम ने अलग-अलग संस्थानों में जाकर भवन की वैधता, बिजली सुरक्षा, वेंटिलेशन, आपातकालीन निकास (आने-जाने के रास्ते), पार्किंग व्यवस्था, सीसीटीवी और सबसे महत्वपूर्ण अग्निशमन (फायर सेफ्टी) व्यवस्था की जांच की। अधिकारियों ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि छात्रों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान एक कोचिंग संस्थान के भवन में बेहद गंभीर खामियां उजागर हुईं। टीम को जांच में पता चला कि भवन की ऊपरी मंजिल पर टिन शेड के नीचे एक लाइब्रेरी का संचालन किया जा रहा था, जिस पर सीधे तौर पर नियमों के उल्लंघन का संदेह जताया गया है।
जरूरी दस्तावेज तलब, निगम ने दी सख्त चेतावनी
इस गंभीर अनियमितता के सामने आने के बाद नगर निगम की टीम ने संबंधित संस्थान प्रबंधन को भवन का स्वीकृत नक्शा और अन्य सभी जरूरी वैधानिक दस्तावेज तुरंत निगम कार्यालय में जमा करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
“दस्तावेजों की गहनता से जांच करने के बाद ही इस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जिन संस्थानों में फायर सेफ्टी के इंतजाम अधूरे मिले हैं, उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षा मानक पूरे करने का निर्देश दिया गया है।” – रांची नगर निगम प्रशासन
भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, नगर निगम ने साफ किया है कि आने वाले दिनों में भी कोचिंग संस्थानों के खिलाफ इस प्रकार का औचक निरीक्षण अभियान निरंतर जारी रहेगा ताकि वहां पढ़ने वाले छात्रों की सुरक्षा को पूरी तरह सुनिश्चित किया जा सके।
