तुपुदाना दुष्कर्म मामले में पीड़ित परिवार से मिला भाजपा महिला मोर्चा

रांची के तुपुदाना में कथित सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों से मिलकर न्याय की मांग करता भाजपा महिला मोर्चा प्रतिनिधिमंडल।

रांची के तुपुदाना क्षेत्र में दो नाबालिग बच्चियों के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले को लेकर भाजपा महिला मोर्चा का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को पीड़ित परिवार से मिला। मोर्चा ने मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी, कड़ी कानूनी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को तत्काल सुरक्षा देने की मांग उठाई है।

भाजपा महिला मोर्चा ने पीड़ित परिवार को दिया न्याय का भरोसा

झारखंड की राजधानी रांची के तुपुदाना क्षेत्र में दो नाबालिग बच्चियों के साथ हुए कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के निर्देश पर महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष आरती सिंह के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को पीड़ित परिवार से मुलाकात की। Bharat Manthan Live News की रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने शोक संतप्त परिजनों से मिलकर उनका हाल जाना और उन्हें हर संभव न्याय दिलाने का दृढ़ भरोसा दिया।


परिजनों ने पुलिसिया जांच की प्रक्रिया पर उठाए गंभीर सवाल

पीड़ित परिवार के सदस्यों ने मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल के समक्ष अपना दर्द साझा किया और पुलिसिया तफ्तीश पर असंतोष व्यक्त किया। परिजनों ने बताया कि घटना के दिन बच्ची को घर से ले जाने वाले मुख्य व्यक्ति की पहचान पुलिस अब तक नहीं कर सकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने के स्थान पर इसे दबाने का प्रयास किया जा रहा है और घटना के मुख्य आरोपियों को बचाने की कोशिश हो रही है।


भाजपा महिला मोर्चा ने प्रशासन के समक्ष रखीं प्रमुख मांगें

पीड़ित परिवार की शिकायतों को सुनने के बाद भाजपा महिला मोर्चा ने राज्य सरकार और स्थानीय पुलिस प्रशासन से इस संवेदनशील मामले की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की मांग की है। संगठन द्वारा साझा की गई प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

  • पीड़ित बच्ची को घर से बहला-फुसलाकर ले जाने वाले अज्ञात व्यक्ति की अविलंब पहचान कर उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
  • घटना में संलिप्त सभी आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट सहित अन्य कड़ी कानूनी धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो।
  • पीड़ित परिवार की जान-माल की सुरक्षा का पुख्ता प्रबंध किया जाए और उन्हें जल्द से जल्द न्याय दिलाया जाए।
  • यदि स्थानीय पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच करने में विफल रहती है, तो केस को तत्काल केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) या किसी अन्य स्वतंत्र एजेंसी को सौंपा जाए।

‘बेटियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं’

मुलाकात के बाद महिला मोर्चा के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राज्य में बेटियों की सुरक्षा के मुद्दे पर किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। संगठन ने दृढ़ता से कहा कि दोषियों को कानून के तहत सख्त से सख्त सजा दिलाने और पीड़ित परिवार को उचित न्याय दिलाने के लिए वे हर स्तर पर अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।

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