नई दिल्ली: वित्त वर्ष 2025-26 में खनन एवं निर्माण उपकरण उद्योग की बिक्री 3% बढ़ी

नई दिल्ली में सीआईआई के माइनिंग एंड कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट समिट में भाषण देते विवेक भाटिया।

नई दिल्ली में मंगलवार को टीकेआईएल इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक विवेक भाटिया ने बताया कि भारत के खनन एवं निर्माण उपकरण उद्योग ने वित्त वर्ष 2025-26 में 1.40 लाख से अधिक इकाइयों की सकल घरेलू बिक्री दर्ज की है। सरकारी बुनियादी ढांचा निवेश और निर्यात वृद्धि के कारण सालाना आधार पर इसमें तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

सरकारी निवेश और निर्यात वृद्धि से उद्योग को मिली मजबूती

भारतीय खनन और निर्माण उपकरण उद्योग ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस अवधि में उद्योग की सकल बिक्री 1.40 लाख इकाइयों को पार कर गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में तीन प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि को दर्शाती है। Bharat Manthan Live News की रिपोर्ट के अनुसार, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में केंद्र सरकार के निरंतर और रणनीतिक निवेश के कारण यह सकारात्मक वृद्धि संभव हो सकी है।

भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) और भारी उद्योग मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘माइनिंग एंड कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट समिट’ को संबोधित करते हुए टीकेआईएल इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विवेक भाटिया ने मंगलवार को यह जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र देश के आर्थिक विकास का एक बेहद महत्वपूर्ण आधार बनकर उभरा है, जो विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के विकास और खनन गतिविधियों के विस्तार में अहम भूमिका निभा रहा है।


निर्यात में दर्ज की गई 31.5 प्रतिशत की भारी उछाल

विवेक भाटिया ने उद्योग के वैश्विक विस्तार पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस वित्त वर्ष में घरेलू खनन एवं निर्माण उपकरण क्षेत्र के निर्यात में 31.5 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। यह उछाल उद्योग में एक बड़े संरचनात्मक बदलाव का स्पष्ट संकेत है।

उन्होंने बताया कि भारतीय विनिर्माता अब केवल घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। इस अंतरराष्ट्रीय सफलता के पीछे निम्नलिखित तीन मुख्य कारण रहे हैं:

  • स्थानीयकरण (Localization) में निरंतर वृद्धि।
  • निर्मित उत्पादों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार।
  • अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुरूप प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण।

‘विकसित भारत 2047’ और पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य

समिट के दौरान भाटिया ने रेखांकित किया कि भारत वर्तमान में पांच लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने और ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय विजन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने देश के विकास की इस यात्रा को एक निर्णायक दौर बताया।

उद्योग के भविष्य पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि देश में राजमार्गों, रेलवे, बंदरगाहों, हवाई अड्डों, शहरी बुनियादी ढांचे और नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार ने विनिर्माण क्षेत्र के लिए अभूतपूर्व अवसर उत्पन्न किए हैं। इसके साथ ही, विनिर्माण, ऊर्जा सुरक्षा तथा तकनीकी प्रगति के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता पर बढ़ते जोर ने इस उद्योग को तेजी से मशीनीकरण, विश्वस्तरीय उपकरणों और नवीनतम पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया है।

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