इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद समिति से 6.41 करोड़ रुपये के नुकसान की वसूली के सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब तलब करते हुए मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर तय की है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट का अंतरिम स्थगनादेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकल पीठ ने मस्जिद समिति द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए वसूली के आदेश पर स्टे जारी किया। सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित इस धार्मिक ढांचे को 6 सितंबर को ध्वस्त कर दिया गया था। अदालत ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार को अपना रुख स्पष्ट करने का निर्देश दिया है।
प्रशासन का पक्ष और जमीन का विवाद जिला प्रशासन का कहना है कि कलेक्ट्रेट परिसर में खसरा नंबर 539 के तहत 315 वर्ग मीटर जमीन पर बना यह ढांचा अनधिकृत था। प्रशासन के अनुसार, यह भूमि कलेक्ट्रेट के पुराने विश्राम गृह की थी और बिना किसी अनुमति के इसे धार्मिक ढांचे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। इससे पूर्व 16 जुलाई 2026 को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने ढांचे को हटाने और नुकसान की भरपाई समिति से करने का आदेश दिया था।
मस्जिद समिति का दावा दूसरी ओर, मस्जिद समिति का तर्क है कि यह धार्मिक ढांचा एक सदी से भी अधिक पुराना है और एक पंजीकृत वक्फ संपत्ति है। इस जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था।
