भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 12 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के असर के कारण बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में मॉनसून के पूरी तरह सक्रिय रहने और भारी बारिश व वज्रपात की चेतावनी जारी की है।
कम दबाव का क्षेत्र बनने से मॉनसून हुआ सक्रिय
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण 12 सितंबर 2026 को पूर्वी और मध्य भारत के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इस प्रभाव से बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में मॉनसून पूरी तरह से सक्रिय रहेगा। तीनों राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात (ठनका) की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है।
बिहार में वज्रपात और तेज हवाओं का येलो अलर्ट
बिहार के अधिकांश हिस्सों में आसमान में मुख्य रूप से बादल छाए रहेंगे। उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी बिहार के जिलों में मेघ गर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है।
मौसम विभाग ने राज्य में वज्रपात (बिजली गिरना) और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी किया है। राज्य में अधिकतम तापमान 34°C और न्यूनतम तापमान 27°C के आसपास रहने का अनुमान है।
झारखंड में दोपहर बाद आंधी-बारिश की संभावना
झारखंड में दिन की शुरुआत घने बादलों के साथ होगी। राज्य के कई हिस्सों में दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ आंधी और बारिश (थंडरस्टॉर्म) होने की 55 प्रतिशत तक संभावना जताई गई है।
झारखंड में अधिकतम तापमान 28°C और न्यूनतम तापमान 24°C तक रहने का अनुमान है। हवा में नमी का स्तर अधिक रहने के कारण लोगों को उमस का सामना करना पड़ सकता है।
छत्तीसगढ़ में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट
तीनों राज्यों में छत्तीसगढ़ के भीतर मॉनसून सबसे अधिक आक्रामक रहेगा। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। दोपहर के समय राज्य में तेज आंधी-तूफान आने के प्रबल आसार हैं।
छत्तीसगढ़ में भारी बारिश के प्रभाव से तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। यहां अधिकतम तापमान 28°C और न्यूनतम तापमान 24°C रहने की उम्मीद है।
