पटना के शास्त्रीनगर स्थित राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को ‘बिहार स्कूल लाइव क्लासेज’ का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अभिनव पहल के जरिए अब बिहार के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को भी नीट (NEET) और जेईई (JEE) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क ऑनलाइन तैयारी और डिजिटल अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
बिहार की सरकारी शिक्षा व्यवस्था में डिजिटल क्रांति
बिहार के शिक्षा क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना से ‘बिहार स्कूल लाइव क्लासेज’ योजना का ऐतिहासिक शुभारंभ किया है। भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, इस दूरदर्शी पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ना और उन्हें निजी संस्थानों की तर्ज पर उच्च स्तरीय शिक्षा प्रदान करना है।
इस नई व्यवस्था के लागू होने से सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को अब राज्य के विशेषज्ञ शिक्षकों से सीधे लाइव कक्षाएं लेने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही उन्हें उच्च गुणवत्ता वाली डिजिटल अध्ययन सामग्री (डिजिटल स्टडी मटेरियल) और आधुनिक तकनीक पर आधारित शिक्षण पद्धतियों का लाभ उठाने का मौका मिलेगा। इस योजना के तहत नीट (NEET) और जेईई (JEE) जैसी देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए छात्रों को पूरी तरह निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण कोचिंग प्रदान की जाएगी।
स्मार्ट क्लासरूम और ऑनलाइन कोचिंग का विस्तार
इसी भव्य कार्यक्रम के दौरान बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा संचालित विशेष ऑनलाइन कोचिंग कार्यक्रम और NEET-JEE तैयारी अभियान की भी शुरुआत की गई। शुरुआती चरण में राज्य की राजधानी पटना के 10 चयनित मॉडल स्कूलों के विद्यार्थियों को इस लाइव शिक्षण व्यवस्था के साथ सीधे जोड़ा गया है। इस तकनीक के माध्यम से अब उच्च स्तर की शिक्षा सीधे विद्यार्थियों की कक्षाओं तक पहुंचेगी।
इसके अतिरिक्त, राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, शास्त्रीनगर में दो अत्याधुनिक स्मार्ट क्लासरूम और इंटरएक्टिव पैनल आधारित आधुनिक शिक्षण प्रणाली का लोकार्पण किया गया। यह आधुनिक तकनीक विद्यार्थियों के सीखने के अनुभव को पहले से कहीं अधिक प्रभावी, रोचक, इंटरएक्टिव और तकनीक-संपन्न बनाने में सहायक सिद्ध होगी।
सात स्वयंसेवी संस्थानों के साथ एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर
बिहार की शिक्षा व्यवस्था में नवाचार (इन्नोवेशन), कौशल विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण को और अधिक मजबूती देने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए कार्यक्रम के दौरान ही 7 प्रमुख स्वयंसेवी संस्थानों (NGOs) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, “हमारा लक्ष्य पूरी तरह स्पष्ट है- बिहार का कोई भी विद्यार्थी संसाधनों की कमी के चलते अपने सपनों से समझौता न करे।” उन्होंने आगे कहा कि तकनीक पर आधारित, गुणवत्तापूर्ण और प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुकूल शिक्षा की समान पहुंच सुनिश्चित करके सरकार राज्य की नई पीढ़ी को आत्मविश्वासी, सक्षम और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रही है।
