देवघर साइबर क्राइम: पुलिस ने 7 फर्जी कस्टमर केयर ठगों को किया गिरफ्तार

देवघर साइबर क्राइम पुलिस गिरफ्तारी के दौरान जब्त किए गए मोबाइल, सिम कार्ड और कार।

देवघर में साइबर थाना और पाथरौल थाना की संयुक्त पुलिस टीम ने 15 जुलाई को छापेमारी कर लोगों से ऑनलाइन ठगी करने वाले 7 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से मोबाइल, सिम, एटीएम कार्ड, कार और नकदी जब्त की है। आरोपी फर्जी कस्टमर केयर बनकर लोगों को निशाना बनाते थे।

देवघर साइबर क्राइम मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई

देवघर पुलिस ने जिले में सक्रिय साइबर ठगों के खिलाफ अभियान चलाते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। साइबर थाना और पाथरौल थाना की संयुक्त पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 7 शातिर साइबर अपराधियों को धर दबोचा है। भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर 15 जुलाई को पाथरौल थाना क्षेत्र में की गई।

पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर के निर्देश पर साइबर पुलिस उपाधीक्षक कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में इस विशेष छापेमारी को अंजाम दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाले भारी मात्रा में उपकरण और नकदी बरामद की गई है।

अपराधियों से जब्त किए गए उपकरण और नकदी

संयुक्त टीम ने आरोपियों के कब्जे से 9 मोबाइल फोन, 17 एटीएम (ATM) कार्ड और 16 सिम कार्ड बरामद किए हैं। इसके अलावा पुलिस ने 45 हजार रुपये नकद, 3 चेकबुक, एक पासबुक, एक टाटा पंच कार और 82 प्रतिबिंब सिम भी जब्त किए हैं।

फर्जी कस्टमर केयर और एपीके (APK) फाइलों से ठगी का तरीका

पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपी खुद को फ्लिपकार्ट, अमेजन पे, एयरटेल पेमेंट बैंक, गूगल पे, फोनपे और पेटीएम के कस्टमर केयर अधिकारी बताकर लोगों को कॉल करते थे। वे ग्राहकों को कैशबैक, केवाईसी अपडेट और कार्ड बंद होने का डर दिखाकर उनके बैंक खातों से पैसे उड़ा लेते थे।

इसके अलावा यह गिरोह पीएम किसान योजना, बिजली बिल और आरटीओ (RTO) चालान के नाम पर फर्जी एपीके (APK) फाइलें भेजता था। इस फाइल को डाउनलोड करते ही पीड़ित के मोबाइल का पूरा एक्सेस ठगों के पास चला जाता था। ठगी की गई रकम को वे विभिन्न एटीएम से निकालकर आपस में बांट लेते थे।

तकनीकी जांच में मिले राष्ट्रीय स्तर के सुराग

पुलिस की तकनीकी जांच में पता चला है कि बरामद किए गए मोबाइल नंबरों और आईएमईआई (IMEI) नंबरों का इस्तेमाल देश के कई अन्य राज्यों में भी साइबर ठगी के लिए किया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था। फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधियों की तलाश कर रही है।

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