केरल सरकार ने शबरिमला मंदिर में श्रद्धालुओं को वितरित होने वाले पवित्र प्रसाद ‘आदिया सिष्टम घी’ की बिक्री में धन के कथित गबन मामले की पुनर्जजांच का आदेश दिया है। इस मामले में भ्रष्टाचार का केस दर्ज करने का मूल्यांकन करने के लिए सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के पुलिस अधीक्षक को नियुक्त किया गया है।
शबरिमला मंदिर के पवित्र प्रसाद घी की बिक्री में गबन मामले की जांच तेज
केरल के प्रसिद्ध शबरिमला मंदिर के पवित्र प्रसाद की बिक्री में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, केरल सरकार ने हाई कोर्ट को सूचित किया है कि शबरिमला मंदिर में श्रद्धालुओं को वितरित किए जाने वाले पवित्र प्रसाद ‘आदिया सिष्टम घी’ की बिक्री में त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड के कर्मचारियों द्वारा धन के कथित गबन के मामले में नए सिरे से जांच शुरू कर दी गई है। सरकार इस बात का पुनर्मूल्यांकन कर रही है कि इस मामले में औपचारिक भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया जाना चाहिए या नहीं।
इस संवेदनशील मामले की गहराई से पड़ताल करने और निर्णय लेने के लिए राज्य सरकार ने सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पद के एक वरिष्ठ अधिकारी को विशेष रूप से नियुक्त किया है। सरकार द्वारा दी गई इस महत्वपूर्ण जानकारी को उच्च न्यायालय ने रिकॉर्ड पर लिया है।
हाई कोर्ट ने दिए सभी अभिलेखों और रिपोर्टों की विस्तृत पड़ताल के निर्देश
विशेष सतर्कता अधिकारी संभालेंगे जांच का जिम्मा
न्यायमूर्ति राजा विजयाराघवन वी. और न्यायमूर्ति के. वी. जयकुमार की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए सरकार के इस कदम पर संज्ञान लिया। माननीय अदालत ने इस संबंध में नियुक्त किए गए विशेष सतर्कता अधिकारी को कड़े निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने कहा है कि अधिकारी इस मामले से जुड़े सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल करें।
लेखा परीक्षा विभाग की रिपोर्ट की होगी समीक्षा
हाई कोर्ट की पीठ के निर्देशानुसार, जांच अधिकारी को इस मामले से संबंधित लेखा परीक्षा (ऑडिट) विभाग की रिपोर्ट और मुख्य सतर्कता एवं सुरक्षा अधिकारी द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट सहित सभी उपलब्ध अभिलेखों की गहनता से जांच करनी होगी। इन सभी रिपोर्टों और दस्तावेजों के आधार पर मामले की एक विस्तृत और पारदर्शी पड़ताल की जाएगी, ताकि पवित्र प्रसाद की बिक्री में हुई किसी भी तरह की धांधली या वित्तीय गड़बड़ी के मूल कारणों और उसमें संलिप्त कर्मचारियों की वास्तविक भूमिका का पूरी तरह से पता लगाया जा सके।
