नई दिल्ली: लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर संसद में सरकार और विपक्ष के बीच बना गतिरोध समाप्त हो गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल के बाद सभी प्रमुख राजनीतिक दल मंगलवार को निचले सदन में इस विधेयक पर विस्तृत चर्चा के लिए सहमत हो गए हैं।
एंटी-पेपर लीक संशोधन विधेयक 2026 पर संसद में बनी सहमति
संसद में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर्स के साथ संवाद स्थापित करने के बाद मंगलवार को इस विधेयक पर व्यापक चर्चा शुरू करने पर सर्वसम्मति बनी है।
सोमवार को नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले को लेकर हुए प्रदर्शनों के मुद्दे पर विपक्षी हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई थी।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल से हल हुआ मुद्दा
सदन की कार्यवाही के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी दलों से अपील की कि यह मुद्दा देश के करोड़ों छात्रों, युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता से जुड़ा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस संवेदनशील विषय पर एक सार्थक और विस्तृत चर्चा होना बेहद जरूरी है।
सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा अध्यक्ष की व्यक्तिगत पहल के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच मंगलवार को चर्चा कराने पर सहमति बनी। इस महत्वपूर्ण विधेयक पर बहस के लिए लगभग 10 घंटे का समय आवंटित किया गया है।
93 संशोधनों के साथ पेश होगा विधेयक, चर्चा के बाद पारित होने की संभावना
इस संशोधन विधेयक का मुख्य उद्देश्य प्रतियोगी और सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, धोखाधड़ी, संगठित परीक्षा माफिया और अनुचित साधनों की रोकथाम को सख्ती से लागू करना है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विपक्ष ने इस विधेयक से संबंधित 93 संशोधन प्रस्ताव सौंपे हैं। संसद में चर्चा के दौरान सरकार इन सुझावों और संशोधनों पर अपना रुख स्पष्ट करेगी, जिसके बाद विधेयक को पारित करने के लिए सदन में प्रस्तुत किया जाएगा।
