छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने रायपुर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान राज्य की साय सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। बैज ने बस्तर में बढ़ते मलेरिया के मामलों, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और डोंगरगढ़ में 111 भाजपा कार्यकर्ताओं के इस्तीफे को लेकर सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
रायपुर में पीसीसी चीफ दीपक बैज ने साय सरकार को घेरा
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने रायपुर में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने सबसे पहले राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games) में राज्य का नाम रोशन करने वाली बेटी को बधाई दी। इसके बाद उन्होंने राज्य की साय सरकार पर स्वास्थ्य सेवाओं की उपेक्षा और प्रशासनिक अकर्मण्यता का आरोप लगाया।
डोंगरगढ़ में भाजपा कार्यकर्ताओं के इस्तीफे का दावा
बैज ने राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि राज्य सरकार की विफलताओं, उपेक्षा और जनविरोधी नीतियों के कारण अब भाजपा के अपने कार्यकर्ता भी असंतुष्ट हैं। उन्होंने दावा किया कि डोंगरगढ़ में 111 भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी और सरकार की कार्यशैली से क्षुब्ध होकर अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।
उन्होंने कहा कि यह घटना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि सरकार जनता के साथ-साथ अपने कार्यकर्ताओं का विश्वास भी खो चुकी है।
बस्तर में मलेरिया के बढ़ते मामले और स्वास्थ्य व्यवस्था पर चिंता
दीपक बैज ने बस्तर क्षेत्र में फैल रहे मलेरिया और बिगड़ती स्वास्थ्य सेवाओं पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि कांकेर में 10 दिनों के भीतर मलेरिया से 3 लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जो बेहद चिंताजनक है। इसके अलावा, बीते 6 महीनों में बस्तर में मलेरिया के कुल 8,226 मामले दर्ज किए गए हैं।
बैज ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हाट-बाजार क्लीनिक योजना और मेडिकेटेड मच्छरदानियों के वितरण से मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण पाया गया था। हालांकि, वर्तमान सरकार की लापरवाही के कारण अभियान केवल कागजों पर सिमट कर रह गया है और दूरस्थ इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप पड़ी हैं।
