छत्तीसगढ़ के रायगढ़ कलेक्ट्रेट कार्यालय की राहत एवं आपदा प्रबंधन शाखा में पदस्थ बाबू राजकुमार सिदार को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 28 जुलाई को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बाबू सर्पदंश से हुई मौत के सरकारी मुआवजे की राशि जारी कराने के बदले शिकायतकर्ता से रिश्वत की गारंटी के तौर पर ₹50,000 का हस्ताक्षरित चेक ले रहा था।
रायगढ़ कलेक्ट्रेट में एसीबी की बड़ी कार्रवाई
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रिश्वतखोरी के एक अनोखे मामले का भंडाफोड़ किया है। कलेक्ट्रेट कार्यालय की राहत एवं आपदा प्रबंधन शाखा में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 बाबू राजकुमार सिदार को ACB बिलासपुर की टीम ने मंगलवार, 28 जुलाई को रिश्वत के रूप में ₹50,000 का हस्ताक्षरित चेक लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
यह मामला सर्पदंश से हुई मौत के उपरांत मिलने वाली शासकीय सहायता राशि की स्वीकृति एवं वितरण से जुड़ा हुआ है।
सर्पदंश मुआवजे के बदले मांगी थी रिश्वत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुसौर तहसील के ग्राम बुलाकी निवासी विजय सिदार की पत्नी रामकुमारी की वर्ष 2023 में सर्पदंश से मृत्यु हो गई थी। शासन की नियमानुसार योजना के तहत मिलने वाली मुआवजा राशि के लिए राजस्व विभाग में आवेदन प्रस्तुत किया गया था, जिसकी फाइल रायगढ़ कलेक्ट्रेट में लंबित थी।
शिकायत के अनुसार, पीड़ित विजय सिदार जब मुआवजा राशि जारी कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने कलेक्ट्रेट पहुंचे, तब बाबू राजकुमार सिदार ने राशि बैंक खाते में हस्तांतरित कराने के एवज में ₹50,000 की रिश्वत की मांग की।
रिश्वत की गारंटी के लिए मांगा चेक, ACB ने बिछाया जाल
आरोपी बाबू ने शर्त रखी कि मुआवजा राशि खाते में आने के बाद ₹50,000 नकद देने होंगे और इस रकम की गारंटी के तौर पर शिकायतकर्ता से ₹50,000 का साइन किया हुआ चेक मांगा। शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने के बजाय इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) बिलासपुर से कर दी।
शिकायत के सत्यापन में आरोप सही पाए जाने के बाद ACB की टीम ने ट्रैप आयोजित किया। 28 जुलाई को कलेक्ट्रेट कार्यालय रायगढ़ में जैसे ही आरोपी बाबू ने शिकायतकर्ता से साइन किया हुआ चेक प्राप्त किया, टीम ने उसे रंगे हाथ धर दबोचा। आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
