बस्तर पंडुम के नाम पर ड्रामेबाजी और फिजूलखर्ची, दीपक बैज का सरकार पर बड़ा हमला

बस्तर पंडुम के नाम पर करोड़ों की फिजूलखर्ची का आरोप लगाते पीसीसी चीफ दीपक बैज

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने ‘बस्तर पंडुम’ आयोजन को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। बैज ने आरोप लगाया कि सरकार विकास कार्यों को छोड़कर आदिवासियों को दिल्ली ले जाकर फोटोबाजी करा रही है और पंडुम के नाम पर 6 करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी राशि फिजूल खर्च कर दी गई है।

बस्तर पंडुम के नाम पर करोड़ों रुपये फूंकने का आरोप

भारत मंथन लाइव न्यूज। छत्तीसगढ़ में ‘बस्तर पंडुम’ आयोजन को लेकर राजनीति गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार पर बस्तर के विकास को दरकिनार कर केवल दिखावा और ड्रामेबाजी करने का गंभीर आरोप लगाया है।

रायपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए दीपक बैज ने कहा कि बस्तर में वास्तविक विकास को छोड़कर बाकी सब काम किए जा रहे हैं। आदिवासियों को उनके अधिकार देने के बजाय उन्हें दिल्ली ले जाकर फोटोबाजी कराई जा रही है।

परंपरा के नाम पर 6 करोड़ 14 लाख रुपये से अधिक खर्च

दीपक बैज ने कहा कि बस्तर पंडुम आदिवासियों की प्राचीन संस्कृति और परंपरा है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने इसे हाईजैक कर लिया है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि फरवरी महीने में आयोजित पंडुम कार्यक्रम में राष्ट्रपति और केंद्रीय गृहमंत्री को आमंत्रित किया गया था।

बैज के अनुसार, इस एक सप्ताह के आयोजन पर 6 करोड़, 14 लाख, 78 हजार, 943 रुपये खर्च कर दिए गए, जिसकी कोई आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने कहा कि इन पैसों का इस्तेमाल बस्तर के आदिवासियों के बुनियादी विकास में किया जाना चाहिए था।

विकास कार्य ठप, युवाओं को नौकरी और रोजगार की जरूरत

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि बस्तर के गांवों में सड़क, पुल, बिजली और पानी जैसे मूलभूत विकास कार्य पूरी तरह से रुके पड़े हैं। बोधघाट परियोजना के नाम पर 56 गांवों को उजाड़ने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

बैज ने कहा कि बस्तर की जनता को फोटोबाजी की नहीं, बल्कि रोजगार और नौकरियों की आवश्यकता है। इसके अलावा उन्होंने नक्सल मुक्त गांवों को 1 करोड़ रुपये देने के अधूरे वादे और डीएमएफ (DMF) व सीएसआर (CSR) फंड के पैसों पर भी सवाल खड़े किए।

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