उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद मैदान के शुद्धिकरण को लेकर नैनीताल पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। एडवोकेट अंजू की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।
अज्ञात लोगों पर BNS और SC/ST एक्ट में केस दर्ज
हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस की राजनीतिक रैली के बाद हुए शुद्धिकरण विवाद में नैनीताल पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू की है। एडवोकेट अंजू द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस अपराध शाखा कर रही है मामले की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच पुलिस अधीक्षक (अपराध) जगदीश चंद्र को सौंपी गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यह पूरा वाकया जातिगत भेदभाव, सामाजिक अपमान और अनुसूचित जाति से जुड़े व्यक्ति के प्रति नफरत भड़काने की श्रेणी में आता है।
सोशल मीडिया और वीडियो फुटेज खंगाल रही पुलिस
जांच अधिकारी घटना से जुड़े वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेंगे। इसके माध्यम से यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि शुद्धिकरण प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल थे। कांग्रेस पार्टी इस मामले में लगातार विरोध प्रदर्शन कर एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रही थी।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे से ठीक पहले कार्रवाई
यह कानूनी कार्रवाई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के हल्द्वानी दौरे से ठीक पहले हुई है। आगामी उत्तराखंड विधानसभा चुनावों को देखते हुए इस मुद्दे पर राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज होने की संभावना है।
