नेपाल में आई भीषण बाढ़ में मृतकों की संख्या मंगलवार को बढ़कर 1,357 हो गई। आपदाग्रस्त इलाकों से नए शव बरामद होने के बाद स्थिति गंभीर बनी हुई है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार, सुरक्षा बल 5,326 लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं।
सुरक्षा बलों ने चलाए बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान
नेपाल के विभिन्न प्रभावित जिलों से सुरक्षा बलों के संयुक्त कमान द्वारा लगातार शव बरामद किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, चितवन जिले से 363, नवलपरासी पूर्व से 223, नवलपरासी पश्चिम से 222 और नुवाकोट से 197 शव बरामद किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त रसुवा से 169, गोरखा से 75, धादिंग से 70 और तनहुं से 38 शव मिले हैं।
पहचान के बाद 102 शव परिजनों को सौंपे गए
एनडीआरआरएमए (NDRRMA) ने स्पष्ट किया है कि अब तक केवल 102 शवों की पहचान कर कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें परिजनों को सौंपा गया है। बाकी शवों की पहचान के प्रयास जारी हैं। इस आपदा के दौरान सुरक्षा बलों और बचाव टीमों ने अब तक कुल 13,583 लोगों को सुरक्षित बचाकर निकाला है।
नेपाल-तिब्बत सीमा पर भूस्खलन और हिमस्खलन से तबाही
यह भीषण त्रासदी नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टान के खिसकने से भोटेकोशी नदी में आए भयंकर उफान के कारण हुई। उफनाती नदी ने अपने रास्ते में आने वाले मकानों, वाहनों, सड़कों और पुलों को बहा दिया। इस आपदा ने नेपाल के उत्तरी और मध्य हिस्सों में स्थित कई जलविद्युत परियोजनाओं को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। पड़ोसी देश चीन में भी इस बाढ़ से 43 लोगों की जान चली गई है, जबकि तिब्बत क्षेत्र में 500 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं।
राहत शिविरों और टनल में फंसे श्रमिकों का रेस्क्यू जारी
विस्थापन का सामना कर रहे लगभग 3,500 प्रभावित लोग रसुवा, नुवाकोट और धादिंग के सरकारी होल्डिंग सेंटरों में शरण लिए हुए हैं। इनके अलावा बड़ी संख्या में बेघर हुए लोग स्कूलों, मंदिरों, मठों, खाली सरकारी भवनों और जंगलों में टेंट लगाकर रहने को मजबूर हैं। वहीं, जलविद्युत परियोजनाओं की भूमिगत सुरंगों में फंसे 121 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए गंभीर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
