नई दिल्ली BRICS Summit 2026: साझा घोषणापत्र पर बनी सहमति

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें BRICS Summit 2026 के दौरान फहराते सदस्य देशों के राष्ट्रीय ध्वज।

नई दिल्ली के भारत मंडपम में शनिवार, 12 सितंबर 2026 को शुरू हुए 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के बीच गहन वार्ता के बाद एक संयुक्त घोषणापत्र पर आम सहमति बन गई है। भारत की मध्यस्थता में आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन में मतभेदों को दरकिनार कर 21 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाएं वैश्विक चुनौतियों और आर्थिक सहयोग पर चर्चा कर रही हैं।

प्राथमिक कीवर्ड: BRICS Summit New Delhi द्वितीयक कीवर्ड: BRICS 2026 Bharat Mandapam, PM Modi Xi Jinping Meeting, BRICS Trade Settlement Local Currency

नई दिल्ली में BRICS Summit New Delhi का शुभारंभ और कूटनीतिक सहमति 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 18वां BRICS शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। गहन वार्ता के बाद सदस्य देश एक संयुक्त बयान जारी करने पर सहमत हुए हैं। विशेष रूप से ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच मतभेदों और पश्चिम एशिया में जारी क्षेत्रीय तनावों के बावजूद भारत के निरंतर परामर्श प्रयासों से यह कूटनीतिक सफलता हासिल हुई है।

सम्मेलन का विषय और प्रमुख चर्चा के बिंदु भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस शिखर सम्मेलन का मुख्य विषय “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता का निर्माण” (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability) रखा गया है। इस सम्मेलन में 21 प्रमुख उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाएं भाग ले रही हैं, जिनमें ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, भारत, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और UAE शामिल हैं।

बैठक के दौरान वैश्विक व्यापार विवादों, बहुपक्षवाद, व्यापार और निवेश, प्रौद्योगिकी, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा, आपदा प्रबंधन और महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा की जा रही है।

वैश्विक नेताओं और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रमुखों की भागीदारी इस शिखर सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेزشकियान, दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली और वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हुंग शामिल हो रहे हैं।

इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, डब्ल्यूटीओ की महानिदेशक नगोजी ओकोन्जो-इवेला, डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस एडनॉम गेब्रियेसस, न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) की अध्यक्ष डिल्मा रूसेफ और एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक (AIIB) के प्रमुख ज़ू जियाई भी सम्मेलन में उपस्थित हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की द्विपक्षीय बैठकें शनिवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इथियोपिया और मलेशिया के प्रधानमंत्रियों तथा अबू धाबी के क्राउन प्रिंस के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। दोपहर में लगभग 12 बजे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग लगभग सात वर्षों में अपनी पहली भारत यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे, जिसके बाद पीएम मोदी के साथ उनकी बैठक दिन की प्रमुख गतिविधि रही। इससे पहले शुक्रवार को पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति, रूसी राष्ट्रपति पुतिन और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ अलग-अलग बैठकें की थीं।

डिजिटल भुगतान और स्थानीय मुद्रा में व्यापार पर जोर शुक्रवार को आयोजित BRICS बिजनेस फोरम के दौरान केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सदस्य देशों से अपने राष्ट्रीय डिजिटल भुगतान नेटवर्क को आपस में जोड़ने का आग्रह किया। अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं से निपटने के लिए सदस्य देश स्थानीय मुद्राओं में सीधे व्यापार निपटान को बढ़ावा देने के ढांचे पर काम कर रहे हैं।

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