लद्दाख वन्यजीव बोर्ड: उप-समिति की संरक्षित क्षेत्र रिपोर्ट खारिज

लेह में लद्दाख राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में संरक्षित क्षेत्रों की सीमा रिपोर्ट रद्द करते उपराज्यपाल।

लेह में लद्दाख राज्य वन्यजीव बोर्ड की 16वीं बैठक में उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने संरक्षित क्षेत्रों की सीमा निर्धारण संबंधी उप-समिति की रिपोर्ट खारिज कर दी। शनिवार, 12 सितंबर 2026 को मिली जानकारी के अनुसार, विसंगतियों के कारण रिपोर्ट रद्द कर स्थानीय लोगों के अधिकारों का निपटारा दो महीने में पूरा करने के निर्देश दिए गए।

प्राथमिक कीवर्ड: लद्दाख वन्यजीव बोर्ड रिपोर्ट द्वितीयक कीवर्ड: हेमिस राष्ट्रीय उद्यान लद्दाख, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972, विनय कुमार सक्सेना लद्दाख

उप-समिति की रिपोर्ट रद्द और स्थानीय अधिकारों को प्राथमिकता लेह में आयोजित लद्दाख राज्य वन्यजीव बोर्ड की 16वीं बैठक में उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने संरक्षित क्षेत्रों की सीमा निर्धारण से जुड़ी उप-समिति की रिपोर्ट को खारिज कर दिया। बोर्ड ने 1987 की प्रारंभिक अधिसूचना और जमीन पर सीमाओं के बीच विसंगतियां पाईं। उपराज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हेमिस राष्ट्रीय उद्यान, चांगथांग वन्यजीव अभयारण्य और काराकोरम (नुब्रा-श्योक) वन्यजीव अभयारण्य में स्थानीय समुदायों के अधिकारों और दावों का निपटारा दो महीने के भीतर किया जाए।

उप-समिति के गठन का उद्देश्य और स्थानीय लोगों की चिंताएं मुख्य सचिव की देखरेख में जनवरी में इस उप-समिति का गठन किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य वन्यजीव क्षेत्रों की सटीक पहचान करना तथा सैन्य बस्तियों और आवश्यक आबादी वाले क्षेत्रों को वन्यजीव सीमा से बाहर रखना था। हालांकि, स्थानीय निवासियों का कहना था कि लंबे समय से मौजूद बस्तियां और आवास उप-समिति की रिपोर्ट में शामिल कर लिए गए थे, जो स्पष्ट रूप से वन्यजीव क्षेत्र से बाहर होने चाहिए थे।

वैधानिक प्रक्रिया का पालन और सार्वजनिक सुनवाई के निर्देश उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने स्पष्ट किया कि वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत स्थानीय आबादी के अधिकारों का निपटारा किए बिना सीमांकन की प्रक्रिया पूरी की गई थी। इन गड़बड़ियों को देखते हुए बोर्ड ने उप-समिति की रिपोर्ट रद्द करने का फैसला सुनाया। अब सार्वजनिक सुनवाई की प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दो महीने की समयावधि में इसे पूरा किया जाएगा।

सीमावर्ती क्षेत्रों की 23 विकास परियोजनाओं को मंजूरी इसके अतिरिक्त, लद्दाख राज्य वन्यजीव बोर्ड ने सीमा क्षेत्रों में रक्षा और बिजली बुनियादी ढांचे से संबंधित 23 महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृति के लिए राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति के पास भेज दिया है। इस फैसले से सीमावर्ती क्षेत्रों में रणनीतिक और ढांचागत विकास को बल मिलेगा।

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