भारत सरकार ने जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर पर 70 लाख रुपये का इनाम घोषित करने की पाकिस्तान की घोषणा को ‘नौटंकी’ बताकर खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि ऐसे दिखावे वाले बयानों के बजाय इस्लामाबाद को आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।
मसूद अजहर पर पाकिस्तान के इनाम की घोषणा को भारत ने बताया ‘नौटंकी’
नई दिल्ली। भारत ने मंगलवार को जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के प्रमुख मसूद अजहर पर 70 लाख (7 मिलियन) रुपये का इनाम बनाए रखने के पाकिस्तान के कदम को “नौटंकी” (Gimmicks) करार देकर खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान को कागजी घोषणाओं के बजाय आतंकवाद के खिलाफ ठोस और जमीनी कार्रवाई करनी चाहिए।
पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) ने अपनी “रेड बुक” में मसूद अजहर को मोस्ट वांटेड आतंकवादियों की सूची में बनाए रखा है। मसूद अजहर वर्ष 2001 का संसद हमला, 2008 का मुंबई हमला, 2016 का पठानकोट एयरबेस हमला और 2019 का पुलवामा बम विस्फोट सहित भारत में कई बड़े आतंकी हमलों का मुख्य साजिशकर्ता है।
विदेश मंत्रालय का तीखा रुख
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में अपने नियमित मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि इस तरह के दिखावे और धोखेबाजी पाकिस्तान की पुरानी आदत है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के राज्य प्रायोजक देश द्वारा इस तरह की खोखली घोषणाएं करने का कोई अर्थ नहीं है और भारत ऐसी घोषणाओं को कोई महत्व नहीं देता।
रणधीर जायसवाल ने कहा, “पाकिस्तान को दिखावटी घोषणाएं करने के बजाय ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। इसका कोई परिणाम नहीं निकलने वाला है।”
अफ़ग़ानिस्तान का दावा और एफएटीएफ का दबाव
भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर अजहर को शरण देने का आरोप लगाता रहा है, जबकि पाकिस्तान का दावा है कि वह अफगानिस्तान भाग गया है। हालांकि, अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। पिछले सप्ताह तालिबान के एक वरिष्ठ विदेश मंत्रालय अधिकारी ने स्पष्ट किया कि अजहर अफगानिस्तान में मौजूद नहीं है।
माना जा रहा है कि इस्लामाबाद द्वारा मसूद अजहर पर इनाम की यह ताजा घोषणा फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) के दबाव के कारण की गई है। पेरिस स्थित यह वैश्विक संस्था अपनी आगामी पूर्ण बैठक (Plenary) में पाकिस्तान के आतंकवाद विरोधी प्रयासों की समीक्षा करने वाली है।
