पेटरवार में ‘भविष्य का भारत’ अभियान के तहत राज्य स्तरीय पाठशाला शुरू

पेटरवार में ‘भविष्य का भारत’ अभियान के तहत राज्य स्तरीय पाठशाला शुरू

पेटरवार में ‘भविष्य का भारत’ अभियान के तहत तीन दिवसीय राज्य स्तरीय पाठशाला शुरू

बेरमो/बोकारो। मिथलेश कुमार

बोकारो जिले के पेटरवार प्रखंड स्थित भारत माता विवाह मंडप में अखिल भारतीय जन विज्ञान नेटवर्क और भारत ज्ञान विज्ञान समिति के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत तीन दिवसीय राज्य स्तरीय पाठशाला सह कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। ज्ञान विज्ञान समिति, झारखंड की ओर से आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर की गई।

कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों से आए ज्ञान विज्ञान आंदोलन के कार्यकर्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ज्ञान विज्ञान समिति बोकारो के अध्यक्ष मुमताज अंसारी ने की। जिला सचिव सुरेंद्र ठाकुर ने स्वागत भाषण दिया और कार्यक्रम का संचालन किया।

सुरेंद्र ठाकुर ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह बोकारो जिले के लिए गौरव और सीखने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि ज्ञान विज्ञान समिति बोकारो इस अवसर का लाभ उठाते हुए ‘भविष्य का भारत : जो है उससे बेहतर चाहिए’ अभियान को जिले के प्रत्येक गांव तक ले जाने का प्रयास करेगी।

कैसा हो भविष्य का भारत?

उद्घाटन सत्र में भारत ज्ञान विज्ञान समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. काशी नाथ चटर्जी ने ‘भविष्य का भारत’ अभियान के उद्देश्यों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि ऐसे भारत का निर्माण होना चाहिए, जहां हर व्यक्ति को सम्मानजनक रोजगार मिले, सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों, कोई भूखा न रहे और लोगों की आय तथा जीवन की गुणवत्ता में वृद्धि हो।

उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था और सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि दिखाई देती है, लेकिन आर्थिक विकास का लाभ समाज के सभी वर्गों तक समान रूप से नहीं पहुंच रहा है। उनके अनुसार, समाज के एक छोटे हिस्से के पास संपत्ति और संसाधनों का बड़ा हिस्सा केंद्रित है, जबकि बड़ी आबादी रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन के लिए संघर्ष कर रही है।

डॉ. चटर्जी ने कहा कि इस असमानता को दूर करने के लिए केवल नीतियों पर चर्चा करना पर्याप्त नहीं है। जनता के बीच जाकर संवाद करना, उनकी आकांक्षाओं और समस्याओं को समझना तथा भविष्य के भारत की सामूहिक कल्पना को मजबूत करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से देशभर में लाखों संवाद आयोजित कर आम लोगों को अभियान से जोड़ने की योजना है।

विज्ञान आंदोलन और जनभागीदारी की ऐतिहासिक भूमिका

उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय जन विज्ञान नेटवर्क के सह-संयोजक एवं पूर्वोत्तर भारत के संयोजक प्रो. सत्यजीत चक्रवर्ती ने झारखंड की राज्य स्तरीय कार्यशाला में शामिल होने पर खुशी जताई।

उन्होंने वर्ष 1987 में बोकारो में आयोजित भारत ज्ञान विज्ञान जत्था को याद करते हुए कहा कि वह देश के विज्ञान आंदोलन के इतिहास का महत्वपूर्ण पड़ाव था। उनके अनुसार, उस अभियान ने विज्ञान को प्रयोगशालाओं तक सीमित न रखकर ‘लैबोरेटरी से लैंड तक’ पहुंचाने का काम किया।

प्रो. चक्रवर्ती ने कहा कि इसके बाद अखिल भारतीय जन विज्ञान नेटवर्क और भारत ज्ञान विज्ञान समिति ने विज्ञान चेतना, साक्षरता और जनशिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण काम किया। भारत ज्ञान विज्ञान समिति के नेतृत्व में चले साक्षरता अभियान में करोड़ों लोग साक्षरता केंद्रों से जुड़े और लाखों स्वयंसेवकों ने उन्हें पढ़ाया। उन्होंने बताया कि इस अभियान को देश की ‘आजादी की दूसरी लड़ाई’ के रूप में भी याद किया जाता है।

उन्होंने कहा कि ‘भविष्य का भारत’ राष्ट्रव्यापी अभियान वर्ष 2027 तक लगातार चलाया जाएगा। इसके माध्यम से देशभर में संवाद किए जाएंगे कि ऐसा भारत कैसा हो, जहां सभी को रोजगार मिले, स्त्री-पुरुष समानता स्थापित हो, प्रत्येक व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, कोई असाक्षर न रहे और हर व्यक्ति को पर्याप्त भोजन तथा सम्मानजनक जीवन प्राप्त हो।

प्रो. चक्रवर्ती के मुताबिक, अभियान का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं है, बल्कि लोगों से संवाद कायम करना, उनकी आवाज को सामने लाना और संवादों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करना भी है।

उन्होंने झारखंड में ज्ञान विज्ञान समिति के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि समिति ने बेरोजगारी को लेकर महत्वपूर्ण सर्वेक्षण किया है और वर्तमान में सरकारी विद्यालयों की स्थिति पर भी सर्वेक्षण कर रही है। उनके अनुसार, ये प्रयास राज्य में जनशिक्षा और जनभागीदारी के आंदोलन को नई दिशा दे सकते हैं।

महिला सशक्तिकरण और बाल हित पर जोर

उद्घाटन सत्र में बुंडू पंचायत की मुखिया निहारिका सुकृति ने कहा कि उनकी पंचायत को चाइल्ड फ्रेंडली पंचायत बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने महिला सशक्तिकरण को पंचायत के विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना समावेशी समाज का निर्माण संभव नहीं है।

विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों ने रखे विचार

कार्यक्रम में ज्ञान विज्ञान समिति झारखंड के राज्य उपाध्यक्ष हेमंत कुमार जायसवाल, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रवि सिंह, राज्य सचिव भोला नाथ राम, सदमा कला पंचायत की मुखिया सावित्री देवी, साहिबगंज जिला सचिव केदार पंडित, गिरिडीह जिला अध्यक्ष योगेंद्र यादव, कोडरमा जिला सचिव अनिल, दुमका जिला अध्यक्ष पूर्ण चंद्र पाल और देवघर के प्रदीप रावत सहित कई लोगों ने विचार साझा किए।

महिला प्रतिभागियों सरस्वती देवी, लक्ष्मी देवी, चमेली देवी, सुनीता देवी और रुद्रा देवी ने भी अपने विचार रखे। ज्ञान विज्ञान समिति बोकारो के उपाध्यक्ष पंकज सिन्हा तथा मुखिया सुमित्रा देवी ने कार्यक्रम को संबोधित किया।

करमा गीत के साथ उद्घाटन सत्र का समापन

कार्यक्रम के अंत में महिलाओं ने पारंपरिक करमा गीत प्रस्तुत किया। लोकसंस्कृति, सामूहिकता और जनभागीदारी के इस संगम के साथ उद्घाटन सत्र का समापन हुआ।

तीन दिवसीय राज्य स्तरीय पाठशाला में ‘भविष्य का भारत कैसा हो?’ विषय पर विचार-विमर्श, संवाद और कार्ययोजना तैयार करने पर चर्चा की जाएगी।

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