नई दिल्ली: ईपीएफ बेसिक सैलरी लिमिट बढ़ाकर ₹25,000 की गई, 51 लाख को फायदा

नई दिल्ली में ईपीएफ बेसिक सैलरी लिमिट बढ़ाकर 25000 रुपये करने के फैसले पर रिपोर्ट।

नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) के तहत अनिवार्य कवरेज की बेसिक सैलरी सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह करने का बड़ा निर्णय लिया गया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा घोषित इस फैसले से लगभग 51 लाख कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।

नई दिल्ली: ईपीएफ बेसिक सैलरी लिमिट बढ़ाकर ₹25,000 की गई, 51 लाख को फायदा

कैबिनेट बैठक में ऐतिहासिक फैसला

नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्रिमंडल (मोदी कैबिनेट) की बैठक में कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। सरकार ने पीएफ के लिए अनिवार्य कवरेज की बेसिक सैलरी लिमिट को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह कर दिया है।

51 लाख कर्मचारियों को मिलेगा सीधा लाभ

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि अब ₹25,000 तक की बेसिक सैलरी वाले कर्मचारियों को ईपीएफ के दायरे में लाना कंपनियों के लिए अनिवार्य होगा। इस कदम से लगभग 51 लाख कर्मचारियों की बचत में इजाफा होगा और उन्हें सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) पर बड़ा फंड मिलेगा। इस योजना पर सरकार का अनुमानित खर्च प्रति वर्ष लगभग ₹11,339 करोड़ होगा।

वेतन सीमा और अंशदान का नियम

नए नियम के अनुसार, यदि किसी नए कर्मचारी की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता (DA) मिलाकर ₹25,000 या उससे कम है, तो उसे अनिवार्य रूप से ईपीएफ में शामिल किया जाएगा। हालांकि, अनिवार्य पीएफ योगदान की गणना पूर्ववत ₹15,000 की वेतन सीमा के आधार पर ही तय की जाएगी। ₹25,000 से अधिक बेसिक सैलरी वाले नए कर्मचारियों के लिए ईपीएफ में शामिल होना स्वैच्छिक रहेगा। देश के वित्तीय फैसलों की हर प्रामाणिक रिपोर्ट के लिए Bharat Manthan Live News से जुड़े रहें।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *