भारतीय रियल एस्टेट में तेजी, घरों की कीमतें आसमान छूने के बावजूद मांग में कमी नहीं
भारतीय रियल एस्टेट मार्केट इस समय तेजी के दौर से गुजर रहा है। घरों की कीमतें बहुत अधिक बढ़ चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद खरीदारों की मांग में कोई कमी नहीं आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तेजी के पीछे मुख्य दो कारण हैं: भारतीयों की बढ़ती डिस्पोजेबल इनकम और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा हाल ही में की गई रेपो रेट में कटौती। ब्याज दरों में कमी ने होम लोन को किफायती बना दिया है, जिससे मध्यम वर्ग के लिए घर खरीदना अब और आसान हो गया है।
ब्याज दरों का वर्तमान परिदृश्य
पैसाबाज़ार (Paisabazaar) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, होम लोन की ब्याज दरें पिछले कुछ वर्षों में सबसे निचले स्तर पर हैं। सरकारी और निजी बैंक दोनों ही ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
- सरकारी बैंक: बैंक ऑफ महाराष्ट्र, सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ इंडिया 7.10% से शुरू होने वाली आकर्षक दरें दे रहे हैं। SBI भी लगभग 7.50% की दर पर लोन दे रहा है।
- निजी बैंक और HFCs: ICICI बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक 7.45% से दरें पेश कर रहे हैं। LIC हाउसिंग फाइनेंस और बजाज हाउसिंग फाइनेंस जैसी कंपनियां 7.15% की शुरुआती दर पर लोन उपलब्ध करा रही हैं।
क्या आगे और घटेंगी दरें?
विश्लेषकों का अनुमान है कि वित्त वर्ष के अंत तक RBI केवल एक छोटी कटौती कर सकता है। इसका मतलब यह है कि ब्याज दरें अब अपने निचले स्तर के करीब हैं। इसलिए जिन लोगों का इंतजार दरों के और घटने का है, उनके लिए अब निर्णय लेने का सही समय है।
खरीदारों के लिए सुझाव
- घर खरीदते समय केवल ब्याज दर पर ध्यान न दें। प्रोसेसिंग फीस और छिपे हुए शुल्कों की भी तुलना करें।
- आपका CIBIL स्कोर 750 या उससे ऊपर होने पर सबसे कम दर मिलने में मदद मिलेगी।
- अगर प्रॉपर्टी महिला के नाम पर है, तो अतिरिक्त 0.05% छूट का फायदा भी उठाया जा सकता है।
