गोरखपुर में आजाद समाज पार्टी का प्रदर्शन, जंतर-मंतर की अनुमति रद्द

गोरखपुर में आजाद समाज पार्टी का प्रदर्शन, जंतर-मंतर की अनुमति रद्द

गोरखपुर में आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी का प्रदर्शन

गोरखपुर में दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित ‘संपूर्ण भागीदारी महाआंदोलन’ की अनुमति नहीं मिलने के बाद आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। गुरुवार को बड़ी संख्या में कार्यकर्ता अंबेडकर चौक पर एकत्र हुए।

प्रदर्शन का नेतृत्व आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष शशि भूषण शाका ने किया। कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया।

जंतर-मंतर पर आंदोलन की अनुमति नहीं मिलने का मामला

आजाद समाज पार्टी की ओर से 24 सितंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘संपूर्ण भागीदारी महाआंदोलन’ प्रस्तावित था। पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने अनुमति नहीं मिलने का दावा करते हुए 24 सितंबर को जिला स्तर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था।

गोरखपुर में प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने कहा कि दिल्ली में प्रस्तावित कार्यक्रम शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से आयोजित किया जाना था। उनके अनुसार, इसमें दलित, पिछड़े, आदिवासी और अल्पसंख्यक समाज से जुड़े लोग अपनी मांगों को लेकर शामिल होने वाले थे।

कार्यकर्ताओं ने लगाए सरकार पर आरोप

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष शशि भूषण शाका ने आरोप लगाया कि आंदोलन की अनुमति नहीं देकर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया गया है।

उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई और कथित दमनकारी नीतियां बंद नहीं की गईं, तो आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी आगे विधानसभा घेराव का कार्यक्रम कर सकती है। इसके बाद दिल्ली में राष्ट्रपति के समक्ष आंदोलन करने की बात भी कही गई।

जिला स्तर पर हुआ प्रदर्शन

जंतर-मंतर के प्रस्तावित कार्यक्रम की अनुमति को लेकर देश के अलग-अलग जिलों में प्रदर्शन किए जाने की अपील की गई थी। इसी क्रम में गोरखपुर में अंबेडकर चौक पर कार्यकर्ता जुटे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान दिए गए बयानों और आगे की आंदोलन संबंधी घोषणा को संबंधित पार्टी नेताओं के दावे के रूप में देखा जाना चाहिए। जंतर-मंतर पर अनुमति को लेकर दिल्ली पुलिस की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध रिपोर्टों में स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है।

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