आंध्र प्रदेश: 50 वर्षीय पूर्व आर्मी जवान ने Masters Athletics में जीता मेडल

आंध्र प्रदेश के पूर्व आर्मी जवान गंथकोरु सीताराम Masters Athletics में पदक जीतते हुए

आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम के 50 वर्षीय पूर्व भारतीय सेना जवान गंथकोरु सीताराम ने बैंकॉक में आयोजित Masters Athletics में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने लगातार जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी कई पदक जीते हैं।

आंध्र प्रदेश: पूर्व आर्मी जवान की Masters Athletics में बड़ी उपलब्धि

आंध्र प्रदेश: विशाखापत्तनम के टुंगलम निवासी 50 वर्षीय पूर्व भारतीय सेना जवान गंथकोरु सीताराम ने Masters Athletics में शानदार प्रदर्शन करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया है। उन्होंने बैंकॉक में आयोजित प्रतियोगिता में 400 मीटर रेस में यह उपलब्धि दर्ज की।

सेना से शुरू हुआ फिटनेस का सफर

सीताराम ने 1996 में भारतीय सेना जॉइन की थी और 16 साल की सेवा के बाद 2011 में सेवानिवृत्त हुए। उनका कहना है कि सेना ने उन्हें अनुशासन सिखाया, जिसने उनके खेल जीवन को मजबूत बनाया।

उन्होंने बताया कि शुरुआत में वे केवल जिम जाते थे, लेकिन सेना में आने के बाद उन्होंने गंभीरता से दौड़ और फिटनेस पर ध्यान देना शुरू किया।

लगातार बढ़ती उपलब्धियां

सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने फिटनेस को जारी रखा और 2013 में भारतीय स्टेट बैंक में नौकरी शुरू करने के बाद भी नियमित प्रशिक्षण जारी रखा।

वे 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर स्प्रिंट इवेंट्स में लगातार प्रशिक्षण लेते रहे।

जिला से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पदक

सीताराम ने पिछले अक्टूबर में विशाखापत्तनम के जिला स्तर पर 100 मीटर और 400 मीटर में गोल्ड मेडल जीते।

इसके बाद गंटूर में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उन्होंने 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर में गोल्ड मेडल हासिल किए।

राष्ट्रीय स्तर पर जबलपुर में आयोजित प्रतियोगिता में उन्होंने 100 मीटर और 200 मीटर में गोल्ड तथा 400 मीटर में सिल्वर मेडल जीता।

बैंकॉक में अंतरराष्ट्रीय सफलता

हाल ही में बैंकॉक में आयोजित वैश्विक Masters Athletics प्रतियोगिता में उन्होंने 400 मीटर स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा साबित की।

अनुशासन और मेहनत का संदेश

सीताराम ने कहा कि मेहनत, अनुशासन और निरंतरता सबसे महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने युवाओं से कहा कि उम्र कभी भी अपने सपनों को पूरा करने में बाधा नहीं होनी चाहिए।

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