कांग्रेस ने रविवार को दावा किया कि मोदी सरकार ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में 1989 में स्थापित भारत इम्युनोलॉजिकल एंड बायोलॉजिकल कॉर्पोरेशन (BIBCOL) को बंद करने का फैसला किया है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इस फैसले को एक त्रासदी बताया और ओरल पोलियो वैक्सीन के निर्माण में देश को आत्मनिर्भर बनाने में इस संस्थान की ऐतिहासिक भूमिका को रेखांकित किया।
BIBCOL को बंद करने को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस पार्टी ने रविवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में 1989 में स्थापित भारत इम्युनोलॉजिकल एंड बायोलॉजिकल कॉर्पोरेशन (BIBCOL) को बंद करने का फैसला किया है। पार्टी ने इस कदम को एक “त्रासदी” करार दिया है।
कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) BIBCOL की स्थापना मार्च 1989 में भारत को ओरल पोलियो वैक्सीन के निर्माण में आत्मनिर्भर बनाने के लिए की गई थी। रमेश ने बताया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने इस पहल में गहरी व्यक्तिगत रुचि ली थी।
पीएसयू का इतिहास और अधूरी योजनाएं
भारत को पोलियो मुक्त बनाने में राष्ट्रीय सेवा के वर्षों के बाद, BIBCOL को आखिरकार मुश्किल दौर का सामना करना पड़ा, जैसा कि रमेश ने उल्लेख किया। हालांकि कुछ साल पहले ऐसी खबरें आई थीं कि यह संस्थान एंटी-कोविड वैक्सीन Covaxin का उत्पादन करेगा, लेकिन वह योजना अंततः मूर्त रूप नहीं ले सकी।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “अब मोदी सरकार ने इसे बंद करने का फैसला किया है और इसमें कोई संदेह नहीं है कि वह नए जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास अपनी लगभग 60 एकड़ जमीन बेच देगी। यह कितनी बड़ी त्रासदी है।”
पिछले साल, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने BIBCOL के कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी और उनकी समस्याओं को सुना था। कांग्रेस ने उस दौरान उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाने और हर कीमत पर न्याय सुनिश्चित करने का संकल्प लिया था।
