छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में शांति, सद्भाव और आपसी भाईचारे का संदेश देने के लिए कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह के नेतृत्व में भव्य शांति मार्च निकाला गया। रक्षाबंधन पर दो समुदायों के बीच हुए विवाद के बाद शहर की फिजा दुरुस्त करने के लिए नेहरू चौक से गांधी चौक तक यह पैदल मार्च निकाला गया।
सद्भाव का संदेश देने सड़कों पर उतरा प्रशासन
बिलासपुर शहर में सौहार्द और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा एक विशाल शांति मार्च का आयोजन किया गया। कलेक्टर संजय अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रजनेश सिंह के नेतृत्व में यह मार्च नेहरू चौक से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ गांधी चौक पर समाप्त हुआ।
शांति मार्च में शहर के विभिन्न समाजों, धर्मों और नागरिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों ने हिस्सा लिया। सभी ने एकजुट होकर शहर में शांति, एकता और भाईचारा बनाए रखने की अपील की।
विवाद के बाद प्रशासन ने दिखाई सतर्कता
उल्लेखनीय है कि रक्षाबंधन (राखी) की रात दो समुदायों के बीच उत्पन्न हुए आपसी विवाद के चलते शहर का माहौल तनावपूर्ण हो गया था। स्थिति को तुरंत नियंत्रण में लेते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की और नागरिकों में विश्वास बहाल करने के लिए इस मार्च का आयोजन किया।
मार्च के दौरान सभी वर्गों की सर्वसम्मति और उपस्थिति ने बिलासपुर की गंगा-जमुनी तहजीब और सामुदायिक एकता की मिसाल पेश की।
कलेक्टर और एसएसपी की नागरिकों से अपील
मार्च के समापन पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आम जनता से सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली अफवाहों और भ्रामक खबरों पर ध्यान न देने की अपील की। उन्होंने कहा कि शहर का माहौल बिगाड़ने वाली भ्रामक जानकारियों से बचें और शांति बनाए रखने में सहयोग करें।
वहीं, एसएसपी रजनेश सिंह ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह के विवाद या असामाजिक गतिविधि की स्थिति में नागरिक कानून को अपने हाथ में न लें। उन्होंने लोगों से तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना देने की बात कही और चेतावनी दी कि शांति व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।
