बिलासपुर: छात्रवृत्ति और जनसुनवाई पर प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा के निर्देश

बिलासपुर कलेक्ट्रेट में छात्रवृत्ति और जनसुनवाई की समीक्षा बैठक लेते प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा

बिलासपुर कलेक्ट्रेट के मंथन सभाकक्ष में आदिम जाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने विभागीय समीक्षा बैठक ली। उन्होंने विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति स्वीकृति निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित करने तथा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत आयोजित होने वाली जनसुनवाई की तैयारियों को लेकर कड़े निर्देश दिए।

विभागीय योजनाओं और छात्रवृत्ति स्वीकृति की समीक्षा

बिलासपुर कलेक्ट्रेट स्थित मंथन सभाकक्ष में विभागीय योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में आदिम जाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास और परियोजना प्रशासक सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने विद्यार्थियों के हित में छात्रवृत्ति की स्वीकृति निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी करने के कड़े निर्देश जारी किए। इसके लिए उन्होंने तत्काल संस्था प्रमुखों की बैठक बुलाने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के तहत 13 से 15 अगस्त तक गांवों के आदि सेवा केंद्रों में होने वाली जनसुनवाई की तैयारियों की समीक्षा की गई और पंचायत प्रतिनिधियों व मैदानी अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए कहा गया।

पीएम जनमन और आवासीय विद्यालयों की प्रगति पर जोर

समीक्षा बैठक के अंतर्गत प्रयास और एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में प्रवेश, संचालन तथा विद्यार्थियों की कोचिंग हेतु संस्था चयन प्रक्रिया का जायजा लिया गया। इसके अतिरिक्त ‘पीएम जनमन’ (PM-JANMAN) योजना के तहत निर्मित बहुउद्देशीय केंद्रों के संचालन, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के निर्माण कार्यों, पठन सामग्री व गणवेश वितरण, विद्यार्थी पोषण उपवन तथा PVTG सर्वे कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली गई।

प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि विभागीय योजनाओं का उद्देश्य केवल प्रशासनिक स्वीकृतियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इनका प्रत्यक्ष लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना अनिवार्य है। उन्होंने योजनाओं की निरंतर मॉनिटरिंग करने और मैदानी स्तर की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करने पर बल दिया।

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