12 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में, वरिष्ठ CPI(M) नेता बृंदा करात ने दिल्ली पुलिस पर विरोध प्रदर्शन के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों के साथ यौन उत्पीड़न और अपमान का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हिरासत में लिए जाने के दौरान पुलिस कर्मियों ने महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया और सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में स्वतः संज्ञान लेने की मांग की।
बृंदा करात के गंभीर आरोप
वरिष्ठ CPI(M) नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद बृंदा करात ने सोमवार को नई दिल्ली में चल रहे प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली पुलिस कर्मियों पर महिला प्रदर्शनकारियों के साथ यौन उत्पीड़न और अपमान करने का गंभीर आरोप लगाया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर राजधानी में प्रदर्शन चल रहे हैं। करात ने इन कथित घटनाओं को ‘अभूतपूर्व’ करार देते हुए सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में स्वतः संज्ञान लेने की अपील की है।
पुलिस हिरासत में दुर्व्यवहार के आरोप
बृंदा करात ने आरोप लगाया कि हिरासत में लेते समय पुलिसकर्मियों ने महिला प्रदर्शनकारियों के साथ यौन उत्पीड़न, शारीरिक हमला और अपमान किया। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों द्वारा महिलाओं के निजी अंगों को जानबूझकर छूने और अनुचित व्यवहार करने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। उनके साथ कई ऐसे महिला और पुरुष भी मौजूद थे जिन्होंने पुलिस ज्यादती का शिकार होने का दावा किया।
सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग
करात ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना एक मौलिक लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन प्रदर्शनकारियों के साथ जिस तरह का बर्ताव किया गया, वह उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि पुलिस वैन के अंदर मारपीट करना पुलिस हिरासत में हिंसा के समान है और इसके लिए सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि प्रदर्शनकारियों के बुनियादी अधिकारों की रक्षा हो सके।
