छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले स्थित भोपालपट्टनम के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में एक शिक्षक पर 14 वर्षीय छात्रा का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगा है। शिकायत के बाद शनिवार को पुलिस ने पॉक्सो एक्ट और बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सख्त जांच और कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में आवासीय विद्यालय के शिक्षक पर यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक सरकारी आवासीय विद्यालय में कार्यरत शिक्षक पर 14 वर्षीय छात्रा का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगा है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
भोपालपट्टनम के एकलव्य विद्यालय की घटना, पॉक्सो में केस दर्ज
बीजापुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमन कुमार झा ने रविवार को बताया कि घटना भोपालपट्टनम थाना क्षेत्र में स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की है।
आरोपी शिक्षक की उम्र लगभग 40 वर्ष है। आरोप है कि उसने पिछले साल अक्टूबर में छात्रा को अनुचित तरीके से छुआ था और कई अन्य मौकों पर भी दुर्व्यवहार किया था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम, 2012 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
अन्य छात्राओं ने भी लगाए आरोप, प्राचार्य की भूमिका की जांच
पुलिस के अनुसार, 9वीं से 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली कुछ अन्य छात्राओं ने भी आरोपी शिक्षक पर अनुचित तरीके से छूने और दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए हैं। पुलिस इन छात्राओं के बयान दर्ज कर रही है।
अभिभावकों ने पुलिस को बताया कि मामले की शिकायत हाल ही में स्कूल प्राचार्य से भी की गई थी। इस आधार पर पुलिस जांच कर रही है कि क्या प्राचार्य ने शिकायत मिलने पर कोई प्रशासनिक कार्रवाई शुरू की थी या नहीं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कड़े निर्देश
घटना का संज्ञान लेते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीजापुर के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को मामले की गहन जांच और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी स्तर पर शिकायत को दबाने का प्रयास किया गया है या कर्तव्य में लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
इसके साथ ही राज्य के सभी जिलों में स्थित बालिका छात्रावासों, आश्रमों और आवासीय विद्यालयों में नियमित निरीक्षण और सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन कराने के आदेश दिए गए हैं।
