छत्तीसगढ़ को बड़ी सौगात: कबीरधाम में 50 MBBS सीटों वाले मेडिकल कॉलेज को मंजूरी

कबीरधाम कवर्धा में 50 एमबीबीएस सीटों वाले नए शासकीय मेडिकल कॉलेज को केंद्र से मिली मंजूरी

छत्तीसगढ़ के कबीरधाम (कवर्धा) जिले के विद्यार्थियों और निवासियों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी सौगात दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से कबीरधाम में 50 एमबीबीएस सीटों वाले नए शासकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना को औपचारिक मंजूरी दे दी है, जिसकी आधिकारिक पुष्टि उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को पत्र भेजकर की गई।

कबीरधाम जिले को मिली 50 एमबीबीएस सीटों वाले शासकीय मेडिकल कॉलेज की सौगात

छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कबीरधाम में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 50 एमबीबीएस (MBBS) सीटों की क्षमता वाले नए शासकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना के प्रस्ताव को अपनी औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के पत्र पर केंद्र सरकार का त्वरित संज्ञान

कबीरधाम जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 23 जून 2026 को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र भेजकर जिले में 50 सीटों वाले मेडिकल कॉलेज की स्थापना का विशेष आग्रह किया था। इस मांग पत्र पर त्वरित कार्रवाई करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 25 जुलाई 2026 को आधिकारिक स्वीकृति पत्र जारी कर मंजूरी की पुष्टि की।

एनएमसी मानकों के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर और नीट से मिलेगा प्रवेश

स्वीकृति मिलने के साथ ही राज्य सरकार ने मेडिकल कॉलेज भवन, अस्पताल परिसर और आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी हैं। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के निर्धारित मानकों के अनुसार कॉलेज में फैकल्टी, छात्रावास और आधुनिक प्रयोगशालाओं का निर्माण किया जाएगा। आगामी नीट (NEET) काउंसिलिंग प्रक्रिया के माध्यम से छात्र इस नए मेडिकल कॉलेज में प्रवेश ले सकेंगे।

बैगा बाहुल्य आदिवासी क्षेत्र और मैदानी इलाकों को मिलेगा सीधा लाभ

कबीरधाम जिला लंबे समय से सर्वसुविधायुक्त सरकारी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की मांग कर रहा था। अब तक गंभीर बीमारियों के इलाज और आपातकालीन स्थिति में मरीजों को रायपुर या बिलासपुर के सिम्स (CIMS) पर निर्भर रहना पड़ता था। इस नए मेडिकल कॉलेज के निर्माण से चिल्फी घाटी और दूरस्थ बैगा आदिवासी अंचलों के निवासियों को स्थानीय स्तर पर ही आधुनिक और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

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