रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में शुक्रवार को छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग का 19वां स्थापना दिवस गरिमामय माहौल में आयोजित किया गया। इस अवसर पर विधायकों और संस्कृति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में राज्य की भाषा, साहित्य और संस्कृति के संवर्धन के लिए उत्कृष्ट योगदान देने वाले साहित्यकारों को ‘छत्तीसगढ़ी भाषा के सेवा करइया बेटा-बेटी’ सम्मान प्रदान किया गया।
रायपुर में छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग का 19वां स्थापना दिवस समारोह
छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग कार्यालय का 19वां स्थापना दिवस रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस के कन्वेंशन हॉल में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस विशेष कार्यक्रम में प्रदेश भर से छत्तीसगढ़ी भाषा, साहित्य और संस्कृति से जुड़े साहित्यकार, लेखक, जनप्रतिनिधि तथा साहित्य प्रेमी शामिल हुए।
समारोह में रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, संस्कृति एवं राजभाषा के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे सहित कई अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
साहित्यकारों को मिला ‘छत्तीसगढ़ी भाषा के सेवा करइया बेटा-बेटी’ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ी भाषा के विकास और प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान देने वाले साहित्यकारों को ‘छत्तीसगढ़ी भाषा के सेवा करइया बेटा-बेटी’ सम्मान से अलंकृत किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ टीवी एंकर एवं पत्रकार ज्योति सिंह को भी भाषा सेवा के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
समारोह में छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग द्वारा प्रकाशित 11 नई पुस्तकों का विमोचन भी किया गया, जो प्रदेश के साहित्यिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती हैं।
छत्तीसगढ़ी में संवाद और गोष्ठी का आयोजन
कार्यक्रम के दौरान संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने उपस्थित जनसमूह को छत्तीसगढ़ी भाषा में संबोधित किया। उनके इस संवाद से स्थानीय भाषा के प्रति जनमानस में गौरव की भावना और अधिक मजबूत हुई।
दिनभर चले इस आयोजन को तीन सत्रों में बांटा गया था:
- गोष्ठी: दूसरे सत्र में ‘बाबा तुलसीदास के साहित्य म छत्तीसगढ़’ विषय पर एक विचार-विमर्श एवं परिचर्चा आयोजित की गई।
- कवि सम्मेलन: तीसरे एवं अंतिम सत्र में छत्तीसगढ़ी कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें आमंत्रित साहित्यकारों एवं कवियों ने अपनी प्रभावी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
