वाशिंगटन: चीनी हैकर्स ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) टूल्स का इस्तेमाल कर दुनिया की 100 से ज्यादा प्रमुख कंपनियों के सिस्टम में सेंध लगाई है। हैकर्स ने महज 5 दिनों के भीतर 6 लाख से अधिक क्रेडिट कार्ड की संवेदनशील जानकारी चुरा ली है। इस साइबर हमले को अंजाम देने के लिए बेहद किफ़ायती AI तकनीक का उपयोग किया गया।
100 से अधिक दिग्गज कंपनियों पर बड़ा साइबर हमला
वाशिंगटन: दुनिया भर की 100 से ज्यादा प्रमुख कंपनियों में चीनी हैकर्स द्वारा बड़ी घुसपैठ का मामला सामने आया है। हैकर्स ने एआई (AI) तकनीक का सहारा लेकर इन कंपनियों के डेटा में सेंध लगाई और चीन के लिए सामरिक रणनीति तैयार करने के मकसद से इस जानकारी का इस्तेमाल कर रहे हैं।
इस बड़े साइबर हमले में हैकर्स ने सिर्फ 5 दिन के भीतर 6 लाख से अधिक क्रेडिट कार्ड की डिटेल्स चोरी कर ली हैं।
महज 8 हजार डॉलर में तैयार किया हैकिंग सिस्टम
चौंकाने वाली बात यह है कि इस बहुस्तरीय साइबर हमले को अंजाम देने के लिए हमलावरों ने मात्र 8,000 अमेरिकी डॉलर का खर्च कर पूरा ऑटोमैटिक सिस्टम तैयार किया था।
विशेषज्ञों के अनुसार, एआई आधारित साइबर हमलों में इंसान केवल एक ‘डायरेक्टर’ की भूमिका निभाता है, जबकि हैकिंग का पूरा बाकी काम स्वायत्त (Autonomous) रूप से एआई एजेंट्स द्वारा पूरा किया जाता है।
चीनी एआई मॉडल DeepSeek और Kimi का इस्तेमाल
रिपोर्ट्स के अनुसार, चीनी हैकर्स ने चीन में विकसित एआई मॉडल ‘DeepSeek’ और ‘Kimi’ का उपयोग किया। इसके साथ ही हमले को पूरी तरह से ऑटोमेटिक बनाने के लिए उन्होंने Anthropic के Claude मॉडल के वर्जनों का भी सहारा लिया।
अमेरिका में डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया के यूएसए अटॉर्नी मिचेल आर. सेरविन ने बताया कि इन अपराधियों के तार सीधे चीन से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि इन हैकर्स को दुनिया भर में हैकिंग और साइबर चोरी करने के लिए चीनी तंत्र से खुली छूट मिली हुई है।
