रायपुर: सीएम विष्णुदेव साय का सफल दिल्ली प्रवास, पीएम व राष्ट्रपति से मिले

नई दिल्ली प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलते सीएम विष्णुदेव साय।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने तीन दिवसीय नई दिल्ली प्रवास को अत्यंत सफल बताया है। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर बस्तर के विकास, विद्युतीकरण, आयुर्वेद एम्स और महानदी जल विवाद जैसे प्रदेश के हित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक चर्चा की।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का तीन दिवसीय दिल्ली प्रवास संपन्न

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने तीन दिवसीय नई दिल्ली प्रवास को अत्यंत सफल और सुखद बताया है। नई दिल्ली में अपने प्रवास के दौरान उन्होंने देश के शीर्ष नेतृत्व और केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। इस दौरान प्रदेश के विकास, जनहित से जुड़ी योजनाओं और लंबे समय से लंबित मुद्दों पर विस्तृत बातचीत हुई।

राष्ट्रपति भवन में बस्तर प्रतिनिधिमंडल का हुआ स्वागत

दिल्ली प्रवास के पहले दिन मुख्यमंत्री साय और गृह मंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में बस्तर क्षेत्र के पद्मश्री पुरस्कार विजेता, बस्तर पंडुम के विजेता और बस्तर दशहरा का संचालन करने वाले ‘मांझी चालकी’ शामिल थे। राष्ट्रपति मुर्मु ने सभी सदस्यों को अंगवस्त्र व प्रतीक-चिह्न देकर सम्मानित किया और आत्मीय स्वागत किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बस्तर विकास और एम्स पर चर्चा

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर बस्तर में नक्सल मुक्ति के बाद की स्थितियों की जानकारी दी। उन्होंने बस्तर के 461 गांवों में विद्युतीकरण के प्रस्ताव को मंजूरी देने, राजनांदगांव में यूरिया संयंत्र स्थापित करने तथा छत्तीसगढ़ में आयुर्वेद का एम्स (AIIMS) खोलने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री को आगामी ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ के लिए आमंत्रित भी किया।

3 महीनों में सुलझेगा महानदी जल विवाद

ओडिशा के साथ लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल बंटवारे के विवाद पर भी बैठक में महत्वपूर्ण प्रगति हुई। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय जल आयोग (CWC) को दोनों राज्यों के हितों को ध्यान में रखकर निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया। उम्मीद जताई गई है कि अगले 3 महीनों के भीतर इस जल विवाद का स्थाई समाधान निकाल लिया जाएगा।

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