नई दिल्ली: कालकाजी मंदिर के पास आस्था कुंज पार्क में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने महिला सुरक्षा मजबूत करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। मध्य रेंज के सार्वजनिक स्थानों और पार्कों में 22 और 23 सितंबर को चलाए गए गहन तलाशी अभियान के तहत 379 लोगों को गिरफ्तार अथवा कानूनी कार्रवाई के तहत हिरासत में लिया गया।
आस्था कुंज घटना के बाद दिल्ली पुलिस की सख्त कार्रवाई
कालकाजी मंदिर के समीप आस्था कुंज पार्क में नाबालिग से हुई सामूहिक दुष्कर्म की वारदात के बाद दिल्ली पुलिस ने राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करने के लिए व्यापक अभियान चलाया है। पुलिस द्वारा शहर के पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन (सघन तलाशी अभियान) चलाए जा रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों पर रोक लगाना और उनमें सुरक्षा की भावना स्थापित करना है।
दो दिवसीय कॉम्बिंग ऑपरेशन में 379 पर कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 22 और 23 सितंबर को सेंट्रल रेंज के संवेदनशील क्षेत्रों और पार्कों में विशेष तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत 379 व्यक्तियों को पकड़ा गया। इसके अतिरिक्त दिल्ली आबकारी अधिनियम, कोटपा (COTPA), जुआ अधिनियम, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत भी आवश्यक कानूनी कदम उठाए गए।
विभिन्न थाना क्षेत्रों में सघन जांच
दिल्ली पुलिस ने राजधानी के कई प्रमुख थाना क्षेत्रों में यह अभियान चलाया। दरियागंज में पांच पार्कों की जांच के दौरान धारा 65 के तहत 66 लोगों को पकड़ा गया। जामा मस्जिद क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों की तलाशी लेकर 45 लोगों पर कार्रवाई की गई।
इसी प्रकार मिंटो रोड कॉम्प्लेक्स पार्क, शिवाजी पार्क, डीबीजी पार्क, नेहरू पार्क और शास्त्री पार्क जैसे प्रमुख पार्कों में गहन जांच की गई, जहां आबकारी अधिनियम और बीएनएसएस के तहत 60 लोगों को हिरासत में लिया गया तथा तीन वाहन जब्त किए गए। हौज काजी, पहाड़गंज और पटेल नगर के पांच पार्कों की जांच में 82 लोग पकड़े गए, जबकि प्रसाद नगर में आबकारी अधिनियम की धारा 40(ए) और जुआ अधिनियम के तहत 23 लोगों पर कार्रवाई हुई।
डार्क स्पॉट्स की पहचान और सुरक्षा ऑडिट
दिल्ली पुलिस केवल चालान या गिरफ्तारी तक सीमित न रहकर सार्वजनिक स्थलों का विस्तृत सुरक्षा ऑडिट भी कर रही है। पुलिस टीमें ‘डार्क स्पॉट्स’ (कम रोशनी वाले क्षेत्र), टूटी हुई बाउंड्री वॉल, अवैध अतिक्रमण और असुरक्षित प्रवेश-निकास द्वारों की पहचान कर रही हैं। इन कमियों से संबंधित रिपोर्ट तुरंत लोक निर्माण विभाग (PWD) और नगर निगम (MCD) जैसी नागरिक एजेंसियों को भेजी जा रही है ताकि समय पर सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।
‘पिंक स्कूटी’ पर महिला पुलिस दस्तों की गश्त
ग्राउंड लेवल पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए महिला पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। संवेदनशील इलाकों में ऑल-फीमेल गश्ती दस्ते ‘पिंक स्कूटी’ और पैदल गश्त के जरिए लगातार निगरानी रख रहे हैं। संयुक्त पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) मधुर वर्मा ने कहा कि सार्वजनिक स्थान आम जनता के लिए हैं और इन्हें असामाजिक तत्वों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक दिन का अभियान नहीं बल्कि क्षेत्र में व्यवस्था और सुरक्षा बहाल करने का एक सतत कार्यक्रम है।
उल्लेखनीय है कि बुधवार को उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधु ने पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार, डीडीए और एमसीडी के अधिकारियों के साथ बैठक कर पार्कों में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश जारी किए थे। इसके अलावा विशेष पुलिस आयुक्त देवेश श्रीवास्तव ने भी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
