इंजीनियर्स डे के अवसर पर वाराणसी स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT BHU) विदेशी छात्रों के लिए एक पसंदीदा स्थान बनकर उभरा है। पिछले तीन वर्षों में संस्थान में विदेशी छात्रों की संख्या में 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है, जो इसकी वैश्विक अकादमिक साख को दर्शाती है।
इंजीनियर्स डे: IIT BHU बना विदेशी छात्रों की पसंदीदा जगह, 3 वर्षों में 60% बढ़ी संख्या
वाराणसी। देश भर के 23 आईआईटी संस्थानों में प्रमुख स्थान रखने वाला भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (IIT BHU) विदेशी छात्रों के लिए तकनीकी शिक्षा का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। इस संस्थान में दाखिला लेने वाले विदेशी विद्यार्थियों की संख्या में पिछले तीन वर्षों के दौरान 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में वर्ष 1919 में इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना की गई थी। इसके विश्वस्तरीय अकादमिक मानकों को देखते हुए वर्ष 2012 में इसे IIT का दर्जा प्रदान किया गया था। वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2026-27 में 19 विदेशी छात्रों ने एम.टेक और पीएच.डी. पाठ्यक्रमों में प्रवेश लिया है।
एम.टेक और पीएचडी में बढ़ा रुझान
अकादमिक अधिष्ठाता (Dean Academics) प्रोफेसर देवेंद्र सिंह के अनुसार, अपने गृह देशों में तकनीकी शिक्षा पूरी करने के बाद विदेशी छात्र विशेषज्ञता हासिल करने के लिए IIT BHU का रुख कर रहे हैं।
सत्र 2026-27 के लिए नामांकित 19 विदेशी छात्रों में से 18 एम.टेक कार्यक्रमों में और 1 छात्र पीएच.डी. में अध्ययनरत है। इससे पूर्व सत्र 2025-26 में 7, वर्ष 2024-25 में 5, वर्ष 2023-24 में 6, वर्ष 2022-23 में 4 और सत्र 2021-22 में 7 विदेशी छात्रों ने पंजीकरण कराया था।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा विश्वास
इथियोपिया के छात्र आरारसो और जाम्बिया के खनन क्षेत्र के छात्र फ्रेडरिक का कहना है कि भारत की शिक्षा गुणवत्ता और बेहतर द्विपक्षीय संबंधों के कारण वे यहां विशेष पाठ्यक्रम और शोध करने आए हैं।
संस्थान प्रबंधन का कहना है कि विदेशी छात्रों की बढ़ती भागीदारी भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली और IIT की शैक्षणिक गुणवत्ता में अंतरराष्ट्रीय विश्वास के मजबूत होने का प्रमाण है।
