भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत सोमवार (14 सितंबर 2026) को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय के बाहर विभिन्न मांगों को लेकर धरना दे रहे किसानों के प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे अपना आंदोलन लगातार जारी रखें।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर किसानों का बड़ा आंदोलन
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय के बाहर सोमवार को मुआवजे और भूखंड आवंटन समेत अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर भारी संख्या में किसान एकत्र हुए। भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय नेता राकेश टिकैत के इस प्रदर्शन में शामिल होने से किसानों के आंदोलन को और गति मिल गई।
प्रशासनिक रुकावटों को पार कर पहुंचे किसान प्रशासन ने किसानों को रोकने के लिए सड़कों पर बैरियर, जेसीबी और डंपर लगाकर रास्ते बंद किए थे। हालांकि, किसान सभी प्रशासनिक बाधाओं को पार करते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य द्वार तक पहुंचने में सफल रहे और वहां अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए।
राकेश टिकैत ने उठाई 64% मुआवजे और भूखंड की मांग धरना स्थल पर किसानों को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि प्राधिकरण ने किसानों को 64% बढ़ा हुआ मुआवजा देने और विकसित भूखंड आवंटित करने का वादा किया था, लेकिन दोनों ही वादों को अब तक पूरा नहीं किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्राधिकरण के अधिकारी किसानों से मिलने से बच रहे हैं और उन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से भी रोकने की कोशिश कर रहे हैं। टिकैत ने कहा कि जब प्राधिकरण मांगों को मानने से इनकार करता है, तो संघर्ष ही एकमात्र रास्ता बचता है।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा संघर्ष टिकैत ने स्पष्ट किया कि किसान अपने अधिकारों की लड़ाई अंतिम सांस तक लड़ेंगे और अब किसी भी स्थिति में प्राधिकरण या सरकार के आगे नहीं झुकेंगे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से आग्रह किया कि जब तक सभी मांगें लिखित में स्वीकार नहीं की जातीं, तब तक वे मुख्य द्वार पर अपना धरना समाप्त न करें।
