गांधीनगर में गुजरात सरकार ने पोरबंदर वन प्रभाग का पुनर्गठन किया है। 143 वर्षों के बाद बरडा क्षेत्र में एशियाई शेरों की स्वाभाविक वापसी के बाद वन प्रशासन को मजबूत करने और शेरों के पुनर्वास में सहायता के लिए यह कदम उठाया गया है। इससे क्षेत्रीय वन अधिकारियों की जिम्मेदारियां स्पष्ट होंगी और पोरबंदर में पर्यावरण संबंधी समस्याओं का समाधान आसान होगा।
गुजरात सरकार ने किया पोरबंदर वन प्रभाग का पुनर्गठन
गुजरात सरकार ने पोरबंदर वन प्रभाग के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। बरडा क्षेत्र में 143 साल बाद एशियाई शेरों के लौटने के बाद उनके पुनर्वास को सुदृढ़ करने और वन प्रशासन को बेहतर बनाने के लिए यह पुनर्गठन किया गया है। इस नए प्रशासनिक ढांचे का मुख्य उद्देश्य मैदानी स्तर पर समन्वय में सुधार करना और पोरबंदर में वन तथा पर्यावरण से जुड़े मुद्दों का शीघ्र निपटारा करना है।
भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, इस पुनर्गठन के तहत वन रेंज, बीट, अधिकारियों के दायित्वों और कर्मचारियों की तैनाती में व्यापक बदलाव किए गए हैं। इसके अलावा वाहनों, हथियारों, वायरलेस उपकरणों और अन्य मैदानी बुनियादी ढांचों के आवंटन को भी नए सिरे से व्यवस्थित किया गया है।
नई रेंज और बीट संरचना का विवरण
संशोधित व्यवस्था के अंतर्गत पोरबंदर रेंज अब 80 गांवों के कुल 6,840.84 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करेगी। इस क्षेत्र को पोरबंदर सिटी, गोसाबारा, मोकेर, विसावडा, कांतेला, माधवपुर और सातिया जैसी बीटों में विभाजित किया गया है।
दूसरी ओर, राणावाव रेंज के तहत 13,051.25 हेक्टेयर क्षेत्र और 27 गांव शामिल होंगे। इसमें गोडाणा, बिलेश्वर, सावदीवदर और राणावाव जैसे गांव अलग-अलग बीटों के तहत संगठित किए गए हैं। इस नई संरचना से मैदानी अधिकारियों को गश्त, वन सुरक्षा और विभागीय कार्यों के लिए स्पष्ट अधिकार क्षेत्र मिलेगा।
सीमाओं का विस्तार और संसाधनों का आवंटन
पुनर्गठन के एक हिस्से के रूप में जामनगर वन प्रभाग के आरएफडब्ल्यू भाटिया रेंज से 305.94 हेक्टेयर क्षेत्र को पोरबंदर वन प्रभाग की भानवड रेंज में स्थानांतरित किया गया है। यह स्थानांतरित क्षेत्र देवभूमि द्वारका जिले के भानवड तालुका के चार गांवों—कंदारडा जोगणा, सजदियाला, जूना और जंबूसर को कवर करता है।
इसके अलावा कुटियाणा रेंज, पोरबंदर सोशल फॉरेस्ट्री रेंज और राणावाव सोशल फॉरेस्ट्री रेंज को भी पोरबंदर वन प्रभाग के अंतर्गत शामिल कर लिया गया है। इस प्रशासनिक बदलाव में कर्मचारियों, वाहनों, हथियारों, वॉकी-टॉकी, वायरलेस सेट, कंप्यूटर, रिकॉर्ड और फर्नीचर का भी पुनरावंटन शामिल है।
