गुमला – बजरंग दल झारखंड प्रांत की प्रांतीय बैठक में राष्ट्रीय संयोजक किशन प्रजापति और क्षेत्र संयोजक जन्मेजय जी ने कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन दिया। बैठक में हिंदू समाज को संगठित करने, युवाओं को स्वावलंबी बनाने और संगठन के उद्देश्यों को लेकर चर्चा की गई।
वक्ताओं ने जनसंख्या, रोजगार, धर्मांतरण, धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा और नशे से जुड़ी चिंताओं पर अपने विचार रखे। इन विषयों पर दिए गए बयान वक्ताओं के विचार हैं।
जन्मेजय जी ने युवाओं के स्वावलंबन पर दिया जोर
क्षेत्र संयोजक जन्मेजय जी ने हिंदू समाज की घटती आबादी और जनसंख्या असंतुलन को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने हिंदू युवाओं से विवाह और परिवार से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा करते हुए कम से कम तीन बच्चे पैदा करने की अपील की।
उन्होंने युवाओं को स्वावलंबी बनाने पर भी जोर दिया। जन्मेजय जी ने कहा कि युवाओं को बिजली के काम, कार सर्विसिंग और एसी से जुड़े कार्यों जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर तलाशने चाहिए।
उन्होंने कहा कि कोई भी काम छोटा नहीं होता और युवाओं को काम के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रयास करना चाहिए।
धार्मिक आयोजनों और धर्मांतरण के मुद्दे उठाए
जन्मेजय जी ने हिंदू त्योहारों के दौरान पत्थरबाजी और पुलिस बल की तैनाती का उल्लेख करते हुए समाज के संगठित नहीं होने को इसका कारण बताया।
उन्होंने कहा कि बजरंग दल का प्रत्येक सदस्य हिंदू समाज के लिए खड़ा है और संगठन का लक्ष्य राष्ट्र को सर्वोपरि रखना है।
बैठक में धर्मांतरण के मुद्दे पर भी चिंता व्यक्त की गई। जन्मेजय जी ने हिंदू समाज के संगठन और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
किशन प्रजापति ने संगठन के उद्देश्य बताए
बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक किशन प्रजापति ने संगठन को देश की युवा पीढ़ी का सबसे बड़ा संगठन बताया। उन्होंने संगठन के कार्यों को ईश्वरीय कार्य बताते हुए कहा कि सनातन समाज के सामने कई चुनौतियां हैं।
उन्होंने बाहरी देशों से कथित फंडिंग और हिंदू संस्कृति को समाप्त करने के प्रयासों को लेकर चिंता जताई। अपने संबोधन में उन्होंने मुगल शासन के दौरान मंदिरों को तोड़े जाने, तलवार के बल पर धर्म परिवर्तन और पूजा एवं तीर्थयात्रा पर कर लगाए जाने का भी उल्लेख किया।
किशन प्रजापति ने ईसाई धर्मांतरण का मुद्दा उठाते हुए इस पर रोक लगाने की बात कही।
लैंड जिहाद, लव जिहाद और गौ तस्करी पर वक्तव्य
किशन प्रजापति ने कहा कि लैंड जिहाद, लव जिहाद, गौ तस्करी या धर्मांतरण से जुड़े मामलों में लोग बजरंग दल से संपर्क करते हैं। उन्होंने संगठन को धर्म की रक्षा के लिए 24 घंटे तत्पर बताया।
उन्होंने संगठन के कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि “सेवा, सुरक्षा, संस्कार” बजरंग दल का काम है।
युवाओं को नशे से दूर रहने की अपील
बैठक में नशे के कारोबार और युवाओं पर इसके प्रभाव का मुद्दा भी उठाया गया। किशन प्रजापति ने कहा कि नशे के कारण युवाओं का शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास प्रभावित होता है।
उन्होंने कहा कि नशे की वजह से युवा परिवार से दूर हो सकते हैं और गलत संगत में पड़ सकते हैं। उन्होंने युवा पीढ़ी से नशे से दूर रहने की अपील की।
हितचिंतक अभियान में सहयोग की अपील
किशन प्रजापति ने बजरंग दल के हितचिंतक अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से सभी हिंदू सनातनी संगठन के कार्यों में सहयोग कर सकते हैं।
उन्होंने संगठन के कार्यों की तुलना जलते हुए दीपक से की। उनके अनुसार, जिस तरह दीपक अंधकार दूर कर प्रकाश फैलाता है, उसी तरह संगठन के कार्यों से समाज संगठित होता है और नकारात्मकता दूर करने में मदद मिलती है।
