नई दिल्ली में भारत और भूटान के बीच टू-वे UPI कनेक्टिविटी के दूसरे चरण का शुभारंभ किया गया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और भूटानी प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे ने थिम्पू में इसका उद्घाटन किया, जिससे अब भारत आने वाले भूटानी नागरिक भी आसानी से डिजिटल भुगतान कर सकेंगे।
भारत-भूटान के बीच डिजिटल भुगतान कनेक्टिविटी पूरी
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर की दो दिवसीय भूटान यात्रा के अंतिम दिन दोनों देशों के बीच टू-वे UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) डिजिटल भुगतान प्रणाली के दूसरे चरण का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस व्यवस्था के लागू होने से भारत आने वाले भूटानी नागरिकों के लिए डिजिटल भुगतान करना आसान हो जाएगा, जिससे दोनों देशों के बीच डिजिटल कनेक्टिविटी को नया आयाम मिला है।
थिम्पू में विदेश मंत्री और भूटानी पीएम ने किया उद्घाटन
थिम्पू में आयोजित कार्यक्रम में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, भूटानी प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग टोबगे और विदेश मंत्री डी.एन. ढुंगयेल की मौजूदगी में इस सुविधा को लॉन्च किया गया। विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि भूटान में UPI के उपयोग के साथ अब दोनों देशों के बीच पूर्ण टू-वे डिजिटल भुगतान नेटवर्क स्थापित हो चुका है।
आर्थिक और पर्यटन संबंधों को मिलेगी मजबूती
इस टू-वे कनेक्टिविटी का उद्देश्य केवल QR कोड स्कैन करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे दोनों देशों के बीच पर्यटन, व्यापार, छोटे व्यवसायों, प्रेषण (रेमिटेंस) और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलेगा। भारत का नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा विकसित UPI प्लेटफॉर्म अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहुंच बना रहा है। जुलाई 2026 में UPI ने 741 लाइव बैंकों के माध्यम से ₹29.87 लाख करोड़ मूल्य के 2,365.8 करोड़ लेनदेन संसाधित किए हैं।
