विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में 81वें संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) सत्र से अलग रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से द्विपक्षीय बैठकें कीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूस और ईरान से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर प्रतिबंध लगाने वाले नए कानून पर हस्ताक्षर करने के कुछ ही दिनों बाद यह उच्चस्तरीय वार्ता आयोजित हुई।
न्यू यॉर्क: 81वें संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) सत्र के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूस और ईरान के विदेश मंत्रियों से अलग-अलग मुलाकात कर द्विपक्षीय और क्षेत्रीय सहयोग पर व्यापक चर्चा की। यह मुलाकात अमेरिका द्वारा रूस और ईरान पर लागू किए गए नए प्रतिबंध कानून के तुरंत बाद हुई है।
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से वार्ता विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ बैठक कर भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की। उन्होंने ब्रिक्स (BRICS) समूह के तहत जारी सहयोग और समसामयिक वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर बताया कि बैठक में दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ हालिया वैश्विक परिस्थितियों की प्रगति का जायजा लिया।
ईरानी विदेश मंत्री के साथ खाड़ी संकट पर चर्चा विदेश मंत्री ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने खाड़ी क्षेत्र के मौजूदा घटनाक्रमों और संघर्ष पर चर्चा की। जयशंकर ने कहा कि भारत खाड़ी में शांति और स्थिरता को लेकर ईरान के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखेगा।
ब्रिक्स सम्मेलन के बाद अहम कूटनीतिक पहल यह बैठकें इस महीने भारत द्वारा आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के तुरंत बाद हुई हैं, जिसमें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भाग लिया था। ब्रिक्स समूह (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात) के माध्यम से भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
