सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई पावर्ड इंक्वायरी कमेटी 29 अक्टूबर को जंतर-मंतर हिंसा और पुलिस कार्रवाई के आरोपों की सुनवाई करेगी, जिसमें प्रभावित लोग और गवाह अपने बयान और सबूत ऑनलाइन या राउज एवेन्यू स्थित कार्यालय में दर्ज करा सकेंगे।
जंतर-मंतर हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट कमेटी की सुनवाई
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई के आरोपों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई पावर्ड इंक्वायरी कमेटी (HPEC) 29 अक्टूबर को सुनवाई करेगी। इस दौरान प्रभावित लोग, गवाह और अन्य संबंधित पक्ष पुलिस कार्रवाई से जुड़े बयान और सबूत पेश कर सकेंगे।
कमेटी 29 अक्टूबर को सुबह 11 बजे शिक्षा सदन, 17 राउज एवेन्यू इंस्टीट्यूशनल एरिया स्थित पैनल कार्यालय में सुनवाई करेगी। लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया गया है, जहां दस्तावेजी सबूत और बयान अपलोड किए जा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने गवाहों की सुरक्षा और उनकी पहचान गोपनीय रखने के निर्देश दिए हैं।
150 से ज्यादा लोगों के घायल होने का दावा
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने NEET पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में 36 दिनों तक प्रदर्शन किया था। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, इस घटना में 150 से अधिक लोग घायल हुए। उन्होंने पुलिस पर बदसलूकी, पैलेट गन के इस्तेमाल और महिला प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार के आरोप भी लगाए थे।
पांच सदस्यीय कमेटी करेगी जांच
सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त को इन आरोपों की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की थी। इसकी अध्यक्षता रिटायर्ड जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी कर रहे हैं। कमेटी पुलिस और प्रदर्शनकारियों, दोनों पक्षों की ओर से कथित अत्यधिक बल प्रयोग और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामलों की जांच करेगी।
