हजारीबाग, झारखंड: नशा कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हजारीबाग पुलिस ने अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। संयुक्त छापेमारी अभियान में कुल 14 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके पास से लगभग 45 लाख रुपये मूल्य की ब्राउन शुगर और गांजा के साथ नकदी, वाहन और अन्य उपकरण भी जब्त किए हैं। इस गिरोह का संचालन कथित तौर पर पिता-पुत्र मिलकर कर रहे थे, जिनमें से पुत्र को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि पिता अभी फरार है।
संयुक्त अभियान में बड़ी सफलता
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन के निर्देश पर की गई। अभियान की मॉनिटरिंग एएसपी अमित कुमार द्वारा की जा रही थी। कटकमदाग, लोहसिंघना और इचाक थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर इस नेटवर्क को ध्वस्त किया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए 14 आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। गिरोह लंबे समय से जिले और आसपास के इलाकों में नशे का कारोबार कर रहा था।
पिता-पुत्र चला रहे थे नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क का मुख्य सरगना चतरा जिले के गिद्धौर निवासी उदय कुमार उर्फ नवल दांगी, चतरा सदर थाना क्षेत्र के लोआगड़ा निवासी पवन राज वर्मा और उसके पिता त्रिभुवन दांगी हैं। आरोप है कि पिता-पुत्र मिलकर ब्राउन शुगर और गांजा की सप्लाई का पूरा नेटवर्क संचालित करते थे।
पवन राज वर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसका पिता त्रिभुवन दांगी फिलहाल फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
45 लाख की नशीली सामग्री जब्त
गिरफ्तार तस्करों के पास से करीब 135.72 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 15 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा करीब दो किलो गांजा भी जब्त किया गया है, जिसकी कीमत करीब 30 लाख रुपये आंकी गई है। इस तरह कुल मिलाकर 45 लाख रुपये की नशीली सामग्री बरामद की गई है।
साथ ही 64,160 रुपये नकद, 10 मोबाइल फोन, तस्करी में प्रयुक्त एक सफारी, एक ब्रेजा और एक स्विफ्ट कार सहित तीन चारपहिया वाहन जब्त किए गए हैं। इसके अलावा नौ मोटरसाइकिल और माप-तौल के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दो मिनी वेटिंग मशीन भी पुलिस ने कब्जे में ली हैं।
झारखंड से यूपी-उत्तराखंड तक फैला नेटवर्क
एएसपी अमित कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह गिरोह झारखंड से लेकर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड तक नशीले पदार्थों की सप्लाई करता था। ब्राउन शुगर की खेप उत्तराखंड और यूपी तक भेजी जाती थी। गिरोह में कई पैडलर सक्रिय थे, जिनकी पहचान कर ली गई है।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
कई थानों की टीम रही शामिल
इस पूरे अभियान में पेलावल इंस्पेक्टर शाहीद राजा, कटकमदाग थाना प्रभारी प्रमोद कुमार राय, लोहसिंघना थाना प्रभारी निशांत केरकेट्टा, इचाक थाना प्रभारी गौतम कुमार, पेलावल थाना प्रभारी वेद प्रकाश पांडेय, टेक्निकल सेल और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशा कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी सूरत में नशा तस्करों को बख्शा नहीं जाएगा।
समाज पर पड़ रहा था गहरा असर
स्थानीय स्तर पर नशे का यह नेटवर्क युवाओं को तेजी से अपनी चपेट में ले रहा था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, स्कूल और कॉलेज के आसपास भी पैडलर सक्रिय थे। इस कार्रवाई से न केवल एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है, बल्कि युवाओं को नशे के जाल से बचाने की दिशा में भी अहम कदम माना जा रहा है।
हजारीबाग पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में नशा विरोधी अभियान की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस नेटवर्क के और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
