पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और TMC प्रमुख ममता बनर्जी ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं की हिरासत की कड़ी निंदा की। उन्होंने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन और देश में ‘अघोषित आपातकाल’ थोपने का गंभीर आरोप लगाया है।
ममता बनर्जी ने CJP नेताओं की हिरासत पर जताई नाराजगी
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और अन्य नेताओं को हिरासत में लिए जाने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में युवाओं को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का शांतिपूर्ण तरीके से इस्तेमाल करने से रोका जा रहा है। ममता ने इस स्थिति को ‘अघोषित आपातकाल’ करार दिया।
युवाओं की आवाज दबाने का आरोप
ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अभिजीत दीपके को भारतीय राष्ट्रीय ध्वज थामने के कारण हिरासत में लिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर स्वतंत्र भारत में युवाओं को शांतिपूर्ण विरोध करने के लिए हिरासत में क्यों लिया जा रहा है।
TMC प्रमुख ने आरोप लगाया कि असहमति से डरने वाली सरकार युवाओं की आवाज दबाने और उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश कर रही है। उनके मुताबिक, यह रवैया लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने CJP नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को देश के युवाओं के साहस, विवेक और आकांक्षाओं का प्रतीक बताया।
विपक्ष का समर्थन और राजनीतिक हलचल
CJP के विरोध प्रदर्शन को INDIA गठबंधन के कई नेताओं का समर्थन मिलने की बात सामने आई है। विपक्षी नेताओं ने दिल्ली में मेट्रो सेवाओं और अन्य पाबंदियों को लेकर पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में तिरंगा लहराने से रोकने की कथित कार्रवाई की भी आलोचना की गई है। इस घटनाक्रम ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन, नागरिक स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है।
