देश में मॉनसून ने पकड़ी रफ्तार, 43% कम बारिश के बाद IMD का देशव्यापी अलर्ट

देश में मॉनसून के रफ्तार पकड़ने के बाद विभिन्न राज्यों में झमाझम बारिश और छाए काले बादल।

भारत में 22 जून तक लगभग 43 प्रतिशत कम बारिश दर्ज होने के बाद अब दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने रफ्तार पकड़ ली है। भारत मंथन लाइव न्यूज के मुताबिक, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार और ओडिशा सहित कई राज्यों में मॉनसून के आगे बढ़ने और आगामी सप्ताह में देशव्यापी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

मॉनसून की सुस्ती टूटी, महाराष्ट्र, बिहार और झारखंड सहित कई राज्यों में पहुंचा

देश में 22 जून तक दर्ज किए गए 43 फीसदी के भारी वर्षा घाटे (रेनफॉल डेफिसिट) के बाद आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने अपनी रफ्तार बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 23 जून की शाम से मॉनसून की सक्रियता में बड़ा सुधार देखा जा रहा है। देश के कई हिस्सों में मॉनसून तेजी से आगे बढ़ चुका है, जिससे कृषि और जल स्रोतों को लेकर बनी चिंताएं कम होने की उम्मीद है।

मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, मॉनसून ने केंद्रीय अरब सागर के शेष हिस्सों, मुंबई सहित महाराष्ट्र के अधिकांश इलाकों, तेलंगाना और ओडिशा के बचे हुए क्षेत्रों में अपनी पहुंच बना ली है। इसके अतिरिक्त, मॉनसून ने छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ में मॉनसून सक्रिय, भारी बारिश का अलर्ट वाले क्षेत्रों में भी कदम बढ़ा दिए हैं। वहीं, देश की राजधानी दिल्ली को अभी भी मॉनसूनी बारिश का इंतजार है।

गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा मॉनसून

आईएमडी (IMD) ने बताया कि अगले कुछ दिनों के भीतर मॉनसून के गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह से अनुकूल बनी हुई हैं। सुस्त चरण के बाद मॉनसून की इस नई सक्रियता से देश के मध्य और उत्तरी मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी से राहत मिलने की पूरी संभावना है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले दिनों में देश के बड़े हिस्से में व्यापक वर्षा देखने को मिलेगी। पश्चिमी तट, पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा, कोंकण और गोवा के अलग-अलग इलाकों में अत्यंत भारी बारिश का विशेष पूर्वानुमान जारी किया गया है।

अधिकतम तापमान में आएगी 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट

लगातार होने वाली इस बारिश से न केवल भीषण और लंबे समय से पड़ रही गर्मी से राहत मिलेगी, बल्कि कई कृषि प्रधान क्षेत्रों में मिट्टी की नमी (सॉइल मॉइस्चर) की स्थिति में भी बड़ा सुधार होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले हफ्तों में इसी तरह निरंतर बारिश होती रही, तो देश में वर्तमान में चल रहा 43 प्रतिशत का वर्षा घाटा काफी हद तक कम हो जाएगा।

मौसम विभाग ने राहत की खबर देते हुए कहा है कि 24 जून तक मध्य भारत के अधिकतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही, महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों में 25 जून तक तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट आने का अनुमान है, जिससे स्थानीय लोगों को हीट स्ट्रेस (गर्मी के तनाव) से बड़ी राहत मिलेगी।

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